Anand Mohan : बेटे की सगाई पर रिहाई का नाेटिफिकेशन, UP से लौट चेतन आनंद को आशीर्वाद देने पहुंचे नीतीश कुमार
बिहार सरकार ने पूर्व सांसद आनंद मोहन रिहाई पर मुहर लगा दी है। सरकार ने सोमवार शाम को रिहाई के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इधर, सोमवार रात पटना लौटते ही सीएम नीतीश कुमार चेतन आनंद की सगाई में पहुंचे।
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बिहार सरकार ने पूर्व सांसद आनंद मोहन रिहाई पर मुहर लगा दी है। सरकार ने सोमवार शाम को रिहाई के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। कागजी प्रक्रिया के बाद वह स्थायी तौर पर जेल से बाहर आ जाएंगे। फिलहाल बाहुबली आनंद मोहन अपने बड़े बेटे चेतन आनंद की शादी को लेकर 15 दिन के पैरोल पर जेल से बाहर हैं। इधर, सोमवार रात बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद पटना लौटते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, आनंद मोहन के बेटे और चेतन आनंद को आशीर्वाद देने विश्वनाथ फॉर्म पहुंचे। राजद विधायक चेतन आनंद की सगाई समारोह में जदयू-राजद समेत कई दलों के बड़े नेता दिखे।
पटना के विश्वनाथ फॉर्म में चेतन-आयुषी की सगाई
चौंकाने वाली बात यह है कि बिहार सरकार ने आनंद मोहन को उनके बेटे चेतन आनंद की सगाई के दिन ऐसा तोहफा दिया। सोमवार शाम चेतन आनंद की सगाई आयुषी हो गई। यह सगाई पटना के चक बैरिया स्थित विश्वनाथ फॉर्म में हुई। यह वही फॉर्म हाउस है, जहां आनंद मोहन की बेटी सुरभि आनंद की शादी हुई थी। इधर, शिवहर विधायक चेतन आनंद की सगाई में बिहार की राजनीति के बड़े चेहरों को आमंत्रित किया गया। सगाई को लेकर सारी तैयारियां पहले ही पूरी हो चुकी है। वेज और नॉन वेज खाने के विशेष इंतजाम किए गए हैं। चेतन और आयुषी की शादी 3 मई को देहरादून में होने वाली है। आयुषी मूल रूप से वैशाली के राघोपुर की रहने वाली हैं। आयुषी के माता-पिता पेशे से डॉक्टर हैं।
सरकार कर्मचारी की हत्या वाले वाक्यांश विलोपित
10 अप्रैल को बिहार सरकार ने बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम 481 (I) (क) बदलाव किया था। इसके बाद आनंद मोहन की रिहाई का रास्ता साफ हो गया था।दरअसल, बिहार सरकार कारा हस्तक से उस वाक्यांश को ही विलोपित कर दिया था जिसमें सरकार कर्मचारी की हत्या का जिक्र था। बिहार सरकार ने कारा अधिनियम 1894 की धारा 59 एवं दंड प्रक्रिया संहिता 1973 (1974 का 2) की धारा 432 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार कारा हस्तक 2012 में अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से यह संशोधन किया था। बता दें कि आनंद मोहन गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णैया की हत्या के आरोप अपनी सजा पूरी कर चुके हैं।