बिहार: मैट्रिक-इंटर के 168 टॉपर सम्मानित, CM सम्राट चौधरी ने साथ किया भोजन; अगले साल एक माह में होगा समारोह
बिहार में मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 के 168 टॉपर विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। पहली बार नेक संवाद में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विद्यार्थियों को मेडल, प्रशस्ति-पत्र, लैपटॉप और पुरस्कार राशि दी। आइये जानते हैं सीएम सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने क्या कहा?
विस्तार
बिहार में आज मैट्रिक और इंटर परीक्षा के टॉपर्स के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेक संवाद में 168 बच्चों के लिए भोज की व्यवस्था करवाई थी। उन्हें मेडल, प्रशस्ति पत्र, लैपटॉप और राशि उपलब्ध करवाई गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आज लोक सेवक आवास में इंटरमीडिएट एवं मैट्रिक परीक्षा-2026 के 168 मेधावी टॉपर विद्यार्थियों को मेडल, प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया और उनसे बातचीत कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गई। अब अगले वर्ष से परीक्षा परिणाम घोषित होने के एक माह के भीतर टॉपर्स सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, ताकि प्रतिभाओं को समय पर प्रोत्साहन मिले। बिहार के युवा विकसित बिहार की नई पहचान बनें और नौकरी लेने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें- यही संकल्प है।
अगले साल परिणाम के एक माह के भीतर होगा समारोह
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अगले वर्ष से मैट्रिक और इंटर के परीक्षा परिणाम घोषित होने के एक माह के भीतर टॉपर सम्मान समारोहआयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रतिभावान विद्यार्थियों को समय पर प्रोत्साहन देना है। उन्होंने कहा कि बिहार के युवा विकसित बिहार की नई पहचान बनें। युवा केवल नौकरी लेने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें, यही सरकार का संकल्प है।
शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: शिक्षा मंत्री
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार का सबसे अधिक ध्यान शिक्षा पर है। शिक्षा को नई दिशा देने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने बिहार की प्रतिभाओं को पंख देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय परिवारों के बच्चों के लिए यह शिक्षा के सूर्योदय का समय है। सरकार का प्रयास है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।
30 दिनों के भीतर आवेदनों के निपटारे पर जोर
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि जब उन्होंने शिक्षा मंत्री का पदभार संभाला था, तब विभाग में विभिन्न प्रकार के आवेदनों का अंबार था। अब इनकी संख्या तेजी से कम हो रही है। विभाग में प्राप्त आवेदनों का 30 दिनों के भीतर निपटाराकरने की दिशा में प्रभावी ढंग से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शिक्षा विभाग की तय प्राथमिकताओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
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शिक्षा मंत्री बोले- अगले साल 168 नहीं, 1068 टॉपर हों
शिक्षा मंत्री ने टॉपर विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि यह समारोह केवल उपलब्धि का उत्सव नहीं, बल्कि एक बड़ी शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज 168 विद्यार्थी सम्मानित हो रहे हैं। उनकी कामना है कि अगले वर्ष यह संख्या बढ़कर 1068 हो। उन्होंने कहा कि समारोह का उद्देश्य केवल प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि करोड़ों विद्यार्थियों के मन में कुछ बड़ा करने की प्रेरणा पैदा करना है।
बिहार की प्रतिभा को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का संदेश
शिक्षा मंत्री ने टॉपर विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी प्रतिभा को केवल बिहार तक सीमित न रखें। देश-दुनिया के बड़े मंचों पर अपनी पहचान बनाएं और वैश्विक स्तर पर बिहार की प्रतिभा का परचम लहराएं। उन्होंने कहा कि बिहार नालंदा और विक्रमशिला जैसी महान ज्ञान परंपराओं की धरती रहा है। अब शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में बिहार को फिर से उसकी गौरवशाली पहचान दिलाने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी की है।
पहली बार व्यावसायिक शिक्षा के टॉपर भी सम्मानित
समारोह में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने भी विद्यार्थियों को मेडल, प्रमाण पत्र और पुरस्कार राशि प्रदान की। **पहली बार व्यावसायिक शिक्षा के तीन टॉपर विद्यार्थियों को भी सम्मान सूची में शामिल किया गया।समारोह के बाद मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने टॉपर विद्यार्थियों के साथ भोजन किया और उनके रोचक अनुभव सुने।