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Bihar: पूर्णिया के मदरसा में बड़ा घोटाला, 610 बच्चों के एमडीएम का चावल कर दिया गायब; जेल भी जा चुका है आरोपी
Wed, 25 Sep 2024 05:19 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: आदित्य आनंद
Updated Wed, 25 Sep 2024 05:19 PM IST
सार
रिपोर्ट के आने के बाद मदरसा सचिव शाहजहां को जेल जाना पड़ा। जेल से बाहर निकलकर वो दोबारा से निजी जमीन पर मदरसा संचालित कर रहा है। उसने कागजों पर 610 बच्चों का दाखिला ले रखा है।
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आरोपी पूर्व में भी जेल जा चुका है। फाइल फोटो()
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्णिया के एक मदरसे में बड़े पैमाने पर घोटाले का मामला सामने आया है। मदरसा सचिव पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने 610 बच्चों के मध्याह्न भोजन (एमडीएम) का 15 क्विंटल चावल गायब कर दिया। मदरसा सचिव के इस कृत्य से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। सोमवार को मामले की शिकायत लिए स्थानीय लोगों ने जिले के डीएम और डीईओ को आवेदन दिया और मदरसा सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना है कि मदरसा सचिव का यह कृत्य निंदनीय है और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। जिला प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
जमीन भी उसके नाम से निबंधित नहीं
मामले की जानकारी देते हुए सफी इमाम और उनके बेटे कैसर इमाम ने बताया कि कसबा थाना क्षेत्र के बरेटा गांव के वार्ड 4 के रहने वाले मो. शाहजहां ने साल 2017 में निजी जमीन पर मदरसा खोल लिया। कागजों पर 600 से बच्चों के एडमिशन भी ले लिए और मदरसा के नाम पर योजनाओं का उठाव भी कर लिया। वहीं इस बात का पता जैसे ही उन्हें लगा वे मामले की तह में गए। जिसके बाद उन्हें ये मालूम हुआ कि शाहजहां ने साल 2017 में जिस निजी जमीन पर मदरसा खोला है वो जमीन सरकारी नहीं बल्कि निजी जमीन है। जिस जमीन पर मदरसा चल रहा है वह जमीन भी उसके नाम से निबंधित नहीं।
फर्जी दस्तावेज पर मदरसा खोला गया
कागज पर जिस 2 एकड़ 47 डिसमिल जमीन पर मदरसा दिखाया गया, वो जमीन भी उनकी निकली। उनकी निजी जमीन से जुड़ा फर्जी कागज तैयार किया और फिर मदरसा के लिए पेश किया। कई सालों तक इसी तरह वो घर पर बैनर पोस्टर लगाकर मदरसा चलाता रहा। जिसके खिलाफ उन्होंने सीओ और बीडीओ को आवदेन देकर मामले की जांच की मांग की। सीओ और बीडीओ ने जांच में पाया कि फर्जी दस्तावेज पर मदरसा खोला गया। साथ ही मदरसा भी फर्जी है निजी जमीन पर मदरसा नहीं चल सकता। इसके लिए सरकार को जमीन भेंट करना होता है। इसके बाद ही इस जमीन पर मदरसा संचालित किया जा सकता है।
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जमीन भी उसके नाम से निबंधित नहीं
मामले की जानकारी देते हुए सफी इमाम और उनके बेटे कैसर इमाम ने बताया कि कसबा थाना क्षेत्र के बरेटा गांव के वार्ड 4 के रहने वाले मो. शाहजहां ने साल 2017 में निजी जमीन पर मदरसा खोल लिया। कागजों पर 600 से बच्चों के एडमिशन भी ले लिए और मदरसा के नाम पर योजनाओं का उठाव भी कर लिया। वहीं इस बात का पता जैसे ही उन्हें लगा वे मामले की तह में गए। जिसके बाद उन्हें ये मालूम हुआ कि शाहजहां ने साल 2017 में जिस निजी जमीन पर मदरसा खोला है वो जमीन सरकारी नहीं बल्कि निजी जमीन है। जिस जमीन पर मदरसा चल रहा है वह जमीन भी उसके नाम से निबंधित नहीं।
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फर्जी दस्तावेज पर मदरसा खोला गया
कागज पर जिस 2 एकड़ 47 डिसमिल जमीन पर मदरसा दिखाया गया, वो जमीन भी उनकी निकली। उनकी निजी जमीन से जुड़ा फर्जी कागज तैयार किया और फिर मदरसा के लिए पेश किया। कई सालों तक इसी तरह वो घर पर बैनर पोस्टर लगाकर मदरसा चलाता रहा। जिसके खिलाफ उन्होंने सीओ और बीडीओ को आवदेन देकर मामले की जांच की मांग की। सीओ और बीडीओ ने जांच में पाया कि फर्जी दस्तावेज पर मदरसा खोला गया। साथ ही मदरसा भी फर्जी है निजी जमीन पर मदरसा नहीं चल सकता। इसके लिए सरकार को जमीन भेंट करना होता है। इसके बाद ही इस जमीन पर मदरसा संचालित किया जा सकता है।
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ग्रामीण कैसर इमाम ने डीएम को आवेदन देकर लगाई न्याय की गुहार।
- फोटो : अमर उजाला
निजी जमीन पर मदरसा संचालित कर रहा
साल 2022 में इस रिपोर्ट के आने के बाद मदरसा सचिव शाहजहां को जेल जाना पड़ा। जेल से बाहर निकलकर वो दोबारा से निजी जमीन पर मदरसा संचालित कर रहा है। उसने कागजों पर 610 बच्चों का दाखिला ले रखा है। इस बार उसने इन बच्चों का एमडीएम का निवाला ही निगल लिया। रातोंरात उसने 15 क्विंटल चावल की उठाव कर लिया। वहीं इस मामले के सामने आने के बाद से लोगों में काफी नाराजगी है। मदरसा सचिव के खिलाफ उन्होंने बिहार मदरसा बोर्ड, शिक्षा बोर्ड पटना, जिले के डीएम और डीईओ को आवेदन देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।