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Bihar News : विधान परिषद् में देवर-भाभी की जुबानी जंग, फिर 'चमचागिरी' शब्द पर मच गया हंगामा
Thu, 20 Mar 2025 02:33 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Thu, 20 Mar 2025 02:33 PM IST
सार
Bihar Vidhan Sabha : सीएम नीतीश कुमार भी विधान परिषद् के सदस्य हैं और राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की पत्नी व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी। इस बार बाहर नहीं, सदन के अंदर दोनों के बीच जुबानी जंग छिड़ गई।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
बिहार विधान परिषद की कार्यवाही सोमवार को जब शुरू हुई, तो विपक्ष ने प्रदेश में बढ़ते अपराध की घटनाओं को लेकर हंगामा किया। बिहार में पिछले कुछ दिनों में हुए अपराधों का मामला उठाते हुए विपक्ष के विधान पार्षद खड़े हो गए। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार परिषद में मौजूद थे। जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने नेता प्रतिपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें यह तक नहीं पता कि लालूराज में बिहार में सबसे ज्यादा अपराध हुआ था। इसी दरम्यान सीएम नीतीश कुमार और राबड़ी देवी के बीच रार ठन गई। राबड़ी नीतीश को देवर कहती हैं, लेकिन परिषद् में गुरुवार को उनका रूप अलग देखने को मिला।
विपक्ष ने इस दौरान विधान परिषद के वेल में प्रदर्शन किया। राबड़ी देवी के साथ पूरा विपक्ष वेल में पहुंचा और बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, "बिहार सरकार होश में आओ"। यह पहली बार था जब बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने विधान परिषद के वेल में पहुंचकर विरोध जताया।
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सीएम नीतीश कुमार ने विपक्ष के हंगामे पर पलटवार करते हुए कहा कि कोमल के हत्या मामले में सरकार गंभीरता से जांच करेगी। उन्होंने कहा कि वे आज ही अधिकारियों से जानकारी लेकर इस मामले में कठोर कार्रवाई करेंगे। इसके बाद, सीएम नीतीश और राबड़ी देवी के बीच गर्मा-गर्म बहस हुई। नीतीश कुमार ने कहा कि राबड़ी देवी के पति, जिन्होंने सरकार से बाहर होते ही मुख्यमंत्री का पद संभाला, उन्होंने बिहार में कुछ नहीं किया।
विपक्ष ने इस बयान पर भी जोरदार प्रतिक्रिया दी। आरजेडी के एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि "चमचागिरी" नहीं चलेगी, जिसपर मंत्री संतोष सिंह ने कहा कि उनके बेटे का अपहरण हुआ था और फिरौती की मांग करने वाले आरजेडी के लोग थे। इस बयान पर विपक्ष ने तीखी नारेबाजी शुरू कर दी।
मंत्री अधिक चौधरी ने भी आरजेडी पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें अपनी कार्यशैली पर सवाल उठाने का हक नहीं है। इस दौरान विधान परिषद में "चमचागिरी" शब्द पर विवाद बढ़ गया, और आरजेडी के एमएलसी भी सदन में पहुंचे। संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे शब्दों का प्रयोग संसद की कार्यवाही में गंभीर मामला है और इसे लेकर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
सदन के सभापति ने कहा कि पिछले दस सालों में उनके खिलाफ किसी ने आरोप नहीं लगाया, जबकि अब्दुल बारी सिद्दीकी ने खुद खड़ा होकर कहा कि अगर किसी को ठेस पहुंची हो तो वह खेद प्रकट करते हैं, क्योंकि किसी की मंशा नहीं थी कि किसी को अपमानित किया जाए।
सदन में अशोक चौधरी और अब्दुल बारी सिद्दीकी के बीच जमकर बहस हुई। अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि अशोक चौधरी को सदन की कार्यवाही के बारे में सलाह देने की जरूरत नहीं है, और कई ऐसे मामले हैं जिनका खुलासा सदन में करना नहीं चाहते। अशोक चौधरी ने भी चैलेंज किया कि जो भी खुलासा करना चाहते हैं, करें, किसी को डरने की जरूरत नहीं है।
इस मामले को संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने ठंडा किया, और कहा कि विपक्ष ने खेद प्रकट किया है, इसलिए अब इस मामले को आगे बढ़ाना चाहिए और कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने दिया जाए।
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विपक्ष ने इस दौरान विधान परिषद के वेल में प्रदर्शन किया। राबड़ी देवी के साथ पूरा विपक्ष वेल में पहुंचा और बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, "बिहार सरकार होश में आओ"। यह पहली बार था जब बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने विधान परिषद के वेल में पहुंचकर विरोध जताया।
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सीएम नीतीश कुमार ने विपक्ष के हंगामे पर पलटवार करते हुए कहा कि कोमल के हत्या मामले में सरकार गंभीरता से जांच करेगी। उन्होंने कहा कि वे आज ही अधिकारियों से जानकारी लेकर इस मामले में कठोर कार्रवाई करेंगे। इसके बाद, सीएम नीतीश और राबड़ी देवी के बीच गर्मा-गर्म बहस हुई। नीतीश कुमार ने कहा कि राबड़ी देवी के पति, जिन्होंने सरकार से बाहर होते ही मुख्यमंत्री का पद संभाला, उन्होंने बिहार में कुछ नहीं किया।
विपक्ष ने इस बयान पर भी जोरदार प्रतिक्रिया दी। आरजेडी के एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि "चमचागिरी" नहीं चलेगी, जिसपर मंत्री संतोष सिंह ने कहा कि उनके बेटे का अपहरण हुआ था और फिरौती की मांग करने वाले आरजेडी के लोग थे। इस बयान पर विपक्ष ने तीखी नारेबाजी शुरू कर दी।
मंत्री अधिक चौधरी ने भी आरजेडी पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें अपनी कार्यशैली पर सवाल उठाने का हक नहीं है। इस दौरान विधान परिषद में "चमचागिरी" शब्द पर विवाद बढ़ गया, और आरजेडी के एमएलसी भी सदन में पहुंचे। संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे शब्दों का प्रयोग संसद की कार्यवाही में गंभीर मामला है और इसे लेकर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
सदन के सभापति ने कहा कि पिछले दस सालों में उनके खिलाफ किसी ने आरोप नहीं लगाया, जबकि अब्दुल बारी सिद्दीकी ने खुद खड़ा होकर कहा कि अगर किसी को ठेस पहुंची हो तो वह खेद प्रकट करते हैं, क्योंकि किसी की मंशा नहीं थी कि किसी को अपमानित किया जाए।
सदन में अशोक चौधरी और अब्दुल बारी सिद्दीकी के बीच जमकर बहस हुई। अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि अशोक चौधरी को सदन की कार्यवाही के बारे में सलाह देने की जरूरत नहीं है, और कई ऐसे मामले हैं जिनका खुलासा सदन में करना नहीं चाहते। अशोक चौधरी ने भी चैलेंज किया कि जो भी खुलासा करना चाहते हैं, करें, किसी को डरने की जरूरत नहीं है।
इस मामले को संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने ठंडा किया, और कहा कि विपक्ष ने खेद प्रकट किया है, इसलिए अब इस मामले को आगे बढ़ाना चाहिए और कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने दिया जाए।