Women's day : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर यह क्या बोल गए राजद एमएलसी; महिलाओं को करना होगा ये काम
Bihar: बिहार लैंगिक समानता के मामले में पूरे देश में सबसे फिसड्डी है, लेकिन इसमें किसी सरकार का कोई दोष नहीं है। समाज को यह सोचना होगा कि महिलाओं की बेहतरी और उनको समानता का अधिकार कैसे मिले।
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आज पूरे देश में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है। ऐसे में राजद एमएलसी ने एक विवादित बयान दिया है। मामला सुपौल जिले का है, जहां विधान पार्षद डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा कि लैंगिक समानता के मामले में बिहार फिसड्डी है। लेकिन इसमें सरकार की कोई गलती नहीं है। भारत की महिला कभी अबला नहीं रही है और न आगे रहेगी। महिलाओं ने समय-समय पर देश और समाज के मार्ग को प्रशस्त किया है। हमें केवल पुरुष सत्तात्मक सोच से बाहर आने की आवश्यकता है। यह बातें राजद के विधान पार्षद डॉ अजय कुमार सिंह ने शनिवार को शहर के टाऊन हॉल में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसी दास से लेकर महात्मा बुद्ध तक का मार्ग किसी महिला ने ही प्रशस्त किया।
एमएलसी ने दिया विवादित बयान
एमएलसी ने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार लैंगिक समानता के मामले में पूरे देश में सबसे फिसड्डी है। लेकिन इसमें किसी सरकार का कोई दोष नहीं है। समाज को यह सोचना होगा कि महिलाओं की बेहतरी और उनको समानता का अधिकार कैसे मिले। इसे पुरुष सत्ता को चुनौती समझने के बजाय महिलाओं का साथ देना होगा। महिलाओं को भी अपनी बेटियों को पढ़ाने-लिखाने और उनकी बेहतरी से जुड़े निर्णयों में सार्थक भूमिका निभानी होगी।
भ्रूण हत्या और बाल विवाह को रोकने में महिलाओं का सहयोग जरूरी
इधर, जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि 1950 में संविधान लागू होने के साथ ही भारत पहला ऐसा देश बना, जिसने पुरुषों के साथ ही महिलाओं को भी वोट का अधिकार दिया। राजनीतिक तौर पर महिलाएं लगातार सबल हो रही हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि महिलाओं का उत्थान हो गया। महिलाओं का सही उत्थान तब होगा जब बाल विवाह और भ्रूण हत्या जैसी घटनाएं रुकेंगी। नवजात बच्चियों को लावारिश नहीं छोड़ा जाएगा। इसके लिए महिलाओं को ही आगे आना होगा। बेटियां भी बेटों की तरह ही शिक्षा ग्रहण करे, इसके लिए मां को आवाज उठानी होगी। 18 साल की उम्र से पहली उसकी शादी न हो, यह भी एक मां को ही तय करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसको लेकर सख्त कानून भी बने हैं। लेकिन जब तक समाज जागृत नहीं होगा, कानून अपना काम नहीं कर पाएगा।
हर थाने में महिला हेल्प डेस्क, ताकि महिलाओं को न हो कोई परेशानी
वही एसपी शैशव यादव ने अपने संबोधन में महिलाओं के कई अधिकार की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब पुलिस सेवा में भी बड़ी तादाद में महिलाएं काम कर रही हैं। हर जिले में महिलाओं से जुड़े मुकदमों के लिए महिला थाना है, जिसके क्षेत्राधिकार पूरे जिले का होता है। लेकिन इसके बावजूद जिला मुख्यालय तक पहुंचने में महिलाओं को परेशानी थी। महिलाएं नजदीकी थाने में पुरुष पुलिस कर्मी के समक्ष अपनी समस्या साझा करने में असहज थी। लिहाजा सुपौल के हर थाने में महिला हेल्प डेस्क बनाया गया। जहां महिला पुलिस अधिकारी और सिपाही समस्याएं सुनती हैं और उसका निपटारा भी कराती हैं।
कार्यक्रम के दौरान सम्मानित की गई अलग-अलग क्षेत्र की महिलाएं
करीब चार घंटे तक चले कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी कार्यालयों और सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा दे रही महिलाओं के साथ ही खेल और कला संस्कृति में मुकाम हासिल करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए। इससे पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मौके पर जदयू जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र ऋषिदेव, एडीएम राशिद कलीम अंसारी, डीडीसी सुधीर कुमार, सदर एसडीएम इंद्रवीर कुमार सहित अन्य मौजूद थे।