Bihar Election 2025: नई दिल्ली में राजद और कांग्रेस की बैठक, इन मुद्दों पर राहुल-खरगे से तेजस्वी की हुई बात
Bihar News: नई दिल्ली में राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस की बड़ी बैठक हो रही। इस बैठक में कई मुद्दों पर बातें हुई। उन मुद्दों में सीट शेयरिंग सबसे अहम मुद्दा है।
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बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर बैठकों का दौर जारी है। तीन दिन पहले पटना में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बैठक हुई। सोमवार को दरभंगा में एनडीए के सभी प्रमुख नेता एकजुट हुए थे। आज दिल्ली में राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के बीच बैठक हुई। इसमें सीट शेयरिंग समेत कई मुद्दों पर बातचीत हुई। नेता प्रतिपक्ष और लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी यादव दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से बातचीत की। तेजस्वी यादव के साथ राजद और कांग्रेस के वरीय नेता भी मौजूद रहे। बैठक के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि इस बार एनडीए की सरकार नहीं बनने जा रही है।
सीट बंटवारा समेत कई मुद्दों पर बात
राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन पूरी तरह तैयार है। आगामी चुनाव में सीट शेयरिंग समेत कई मुद्दों पर आज की बैठक में चर्चा हो रही है। यह महज एक औपचारिक बैठक है। राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के बीच संबंध काफी लंबे समय से हैं। अब चुनाव में करीब छह-सात महीने का समय रह गया है। सूत्र बता रहे हैं कि कांग्रेस इस बार भी 70 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग कर रही है। हालांकि 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को महज 19 सीटों पर ही जीत मिली थी। वामदल भी अपने स्ट्राइक रेट को देखते हुए अधिक सीटों की मांग कर रहा है। और, राजद किसी भी हाल में 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ना चाहता है। इसका कारण यह है कि पिछले विधानसभा चुनाव में बिहार में राजद के टिकट पर सबसे ज्यादा विधायक जीते थे। सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर आने वाले समय में कोई विवाद न हो, इसलिए राजद आज ही इस मुद्दे पर बात करेगा। क्योंकि राजद पहले ही तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर चुका है।
कांग्रेस के तेवर इस बार अलग
कांग्रेस का अंदाज इस बार काफी बदला सा लग रहा है। हाल में ही कांग्रेस ने अपने प्रदेश अध्यक्ष को बदल दिया। सवर्ण समाज से आने से वाले अखिलेश सिंह की जगह बिहार की कमान दलित समाज के राजेश कुमार को सौंप दी। कई जिलाध्यक्ष बदल दिए। इसके बाद कन्हैया कुमार ने नेतृत्व में पदयात्रा निकाली। राहुल गांधी भी इसमें शामिल हुए। उन्होंने कांग्रेस का रोल भी बता दिया। इतना ही नहीं अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को क्षेत्र में जाकर मेहनत करने का निर्देश भी दिया। इन सब बातों से स्पष्ट है कि कांग्रेस बिहार में फिर से बेहतर पोजीशन चाहती है।