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Bihar News: बिहार की संस्कृति को जानने के लिए आ रहे पूर्वोत्तर राज्यों के प्रतिनिधि, 24 से 28 जनवरी तक रहेंगे
Wed, 22 Jan 2025 05:39 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Wed, 22 Jan 2025 05:39 PM IST
सार
अभाविप की ओर से कहा गया कि बिहार सरकार के अदूरदर्शी नीति के कारण बिहार के युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में बढ़ते जा रहे हैं। यह बेहद जटिल और बहुआयामी मुद्दा है जो राष्ट्र, प्रान्त व समाज के सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक ताने-बाने को क्षति पहुंचा रहा है।
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प्रेस वार्ता करते अभावित के प्रांत मंत्री व अन्य वरीय सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, दक्षिण बिहार प्रान्त द्वारा पटना के यूथ हॉस्टल में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इसे अभाविप, दक्षिण बिहार के प्रान्त मंत्री सुमित कुमार ने संबोधित किया। प्रान्त मंत्री ने वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के महाराजा कॉलेज, आरा में आयोजित 66वां प्रान्त अधिवेशन में पारित तीन प्रस्ताव को विस्तारपूर्वक बताते हुए बिहार सरकार से तीनों प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की। इसके साथ संगठन के आगामी कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अंतर राज्य छात्र जीवन दर्शन (SEIL) के अंतर्गत चल रही 'राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा' के तहत पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि 24 से 28 जनवरी तक पटना में मेजबान परिवारों के साथ रहेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। जिससे उन्हें बिहार की परम्परा एवं संस्कृति को जानने व समझने का अवसर मिलेगा।
अभाविप दक्षिण बिहार प्रान्त का 66वां अधिवेशन 24 से 27 दिसंबर 2024 को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के महाराजा कॉलेज, आरा में आयोजित किया गया। इस प्रांत अधिवेशन में दक्षिण बिहार से कुल 951 प्रतिनिधि सहभागी हुए जिसमें छात्र 717, छात्रा 172, प्राध्यापक 55 ने भाग लिया। प्रान्त मंत्री सुमित कुमार ने कहा कि इस अधिवेशन में दक्षिण बिहार के कार्यकर्ताओं ने बिहार का लघु दर्शन किया है. साथ ही साथ विद्यार्थी परिषद के पूर्व कार्यकर्ताओं का सम्मलेन का आयोजन किया गया जिसमें 200 पूर्व कार्यकर्ताओं ने भाग लिया इसकी उपस्थिति ने इसे और यादगार बना दिया। यह अधिवेशन ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो गया जब इस अधिवेशन में मुख्य अतिथि श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द गिरी जी महाराज भी शामिल हुए। इस प्रान्त अधिवेशन में तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। बिहार विश्व के शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में प्रतिस्थापित रहा है, परंतु वर्तमान में बिहार के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षा एवं शोध के गिरते स्तर पूरी शिक्षा जगत के लिए चिंता का विषय है। शैक्षणिक परिसरों में वर्ग संचालन ज्यादातर महज औपचारिकता बनकर रह गई है। बिहार के विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध कार्य के लिए मूलभूत सुविधाओं का घोर आभाव है, जिसके कारण यहां के छात्र गुणवत्तापूर्ण शोध करने में विफल रहे हैं।
प्रस्ताव 2 नशे के बढ़ते अवैध कारोबार पर लगाम लगाई बिहार सरकार
अभाविप की ओर से कहा गया कि बिहार सरकार के अदूरदर्शी नीति के कारण बिहार के युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में बढ़ते जा रहे हैं। यह बेहद जटिल और बहुआयामी मुद्दा है जो राष्ट्र, प्रान्त व समाज के सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक ताने-बाने को क्षति पहुंचा रहा है। बिहार में शराब प्रतिबंधित है, लेकिन यह प्रतिबंध केवल खानापूर्ति ही प्रतीत होता है। बिहार सरकार को नशीली दवाओं के रोकथाम के लिए कड़े नियम बनाने चाहिए और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ मिलकर समय-समय पर ऐसे मामलों की गहनता से जांच करनी चाहिए। इसे आपूर्ति करने वालों पर कठोरतम दंड का प्रावधान करना चाहिए।
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प्रस्ताव 3 प्रति व्यक्ति आय में एचडी बिहार अस्तिती को सुदृढ़ करें सरकार
अभाविप की ओर से कहा गया कि बिहार सरकार के असंवेदनशीलता के कारण बिहार आज आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। प्रति व्यक्ति आय में यथासंभव एवं यथोचित सुधार राज्य सरकार की प्राथमिकता में होनी चाहिए। नीति आयोग के 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार बिहार की प्रति व्यक्ति आय लगभग 66,828 रुपये है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। बिहार सरकार को प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने हेतु आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए उद्यमिता को प्रोत्साहित करना चाहिए। अतः अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि बिहार के समेकित विकास के लिए अगले 25 वर्षों का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाए तथा उसके अनुरूप ठोस क्रियान्वयन किया जाए। इस प्रेस वार्ता में प्रान्त मीडिया संयोजक रविकरण कुमार, सील यात्रा के संयोजक मंतोष सुमन, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य प्रतिभा मिश्रा, महानगर मंत्री प्रियरंजन सिंह उपस्थित रहे।
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अभाविप दक्षिण बिहार प्रान्त का 66वां अधिवेशन 24 से 27 दिसंबर 2024 को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के महाराजा कॉलेज, आरा में आयोजित किया गया। इस प्रांत अधिवेशन में दक्षिण बिहार से कुल 951 प्रतिनिधि सहभागी हुए जिसमें छात्र 717, छात्रा 172, प्राध्यापक 55 ने भाग लिया। प्रान्त मंत्री सुमित कुमार ने कहा कि इस अधिवेशन में दक्षिण बिहार के कार्यकर्ताओं ने बिहार का लघु दर्शन किया है. साथ ही साथ विद्यार्थी परिषद के पूर्व कार्यकर्ताओं का सम्मलेन का आयोजन किया गया जिसमें 200 पूर्व कार्यकर्ताओं ने भाग लिया इसकी उपस्थिति ने इसे और यादगार बना दिया। यह अधिवेशन ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो गया जब इस अधिवेशन में मुख्य अतिथि श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द गिरी जी महाराज भी शामिल हुए। इस प्रान्त अधिवेशन में तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। बिहार विश्व के शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में प्रतिस्थापित रहा है, परंतु वर्तमान में बिहार के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षा एवं शोध के गिरते स्तर पूरी शिक्षा जगत के लिए चिंता का विषय है। शैक्षणिक परिसरों में वर्ग संचालन ज्यादातर महज औपचारिकता बनकर रह गई है। बिहार के विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध कार्य के लिए मूलभूत सुविधाओं का घोर आभाव है, जिसके कारण यहां के छात्र गुणवत्तापूर्ण शोध करने में विफल रहे हैं।
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प्रस्ताव 2 नशे के बढ़ते अवैध कारोबार पर लगाम लगाई बिहार सरकार
अभाविप की ओर से कहा गया कि बिहार सरकार के अदूरदर्शी नीति के कारण बिहार के युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में बढ़ते जा रहे हैं। यह बेहद जटिल और बहुआयामी मुद्दा है जो राष्ट्र, प्रान्त व समाज के सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक ताने-बाने को क्षति पहुंचा रहा है। बिहार में शराब प्रतिबंधित है, लेकिन यह प्रतिबंध केवल खानापूर्ति ही प्रतीत होता है। बिहार सरकार को नशीली दवाओं के रोकथाम के लिए कड़े नियम बनाने चाहिए और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ मिलकर समय-समय पर ऐसे मामलों की गहनता से जांच करनी चाहिए। इसे आपूर्ति करने वालों पर कठोरतम दंड का प्रावधान करना चाहिए।
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अभाविप की ओर से कहा गया कि बिहार सरकार के असंवेदनशीलता के कारण बिहार आज आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। प्रति व्यक्ति आय में यथासंभव एवं यथोचित सुधार राज्य सरकार की प्राथमिकता में होनी चाहिए। नीति आयोग के 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार बिहार की प्रति व्यक्ति आय लगभग 66,828 रुपये है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। बिहार सरकार को प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने हेतु आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए उद्यमिता को प्रोत्साहित करना चाहिए। अतः अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि बिहार के समेकित विकास के लिए अगले 25 वर्षों का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाए तथा उसके अनुरूप ठोस क्रियान्वयन किया जाए। इस प्रेस वार्ता में प्रान्त मीडिया संयोजक रविकरण कुमार, सील यात्रा के संयोजक मंतोष सुमन, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य प्रतिभा मिश्रा, महानगर मंत्री प्रियरंजन सिंह उपस्थित रहे।