Ram Mandir : अयोध्या के श्रीराम मंदिर से पांच गुना बड़ा मंदिर यहां बन रहा, 108 फीट ऊंचे पांच शिखर होंगे इसमें
Bihar News : अयोध्या के श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होने वाली है। इधर, उससे पांच गुना बड़े आकार का राम मंदिर बिहार के पूर्वी चंपारण में तैयार हो रहा है। इस मंदिर में 108 फीट ऊंचे पांच शिखर होंगे। कवर के अंदर तेजी से निर्माण चल रहा है।
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दुनिया का सबसे बड़ा राम मंदिर बिहार के चंपारण में बन रहा है। यह मंदिर अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर से पांच गुना बड़ा होगा। इसका नाम विराट रामायण मंदिर है। 2025 के आखिरी माह तक यह मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। इतना ही नहीं इसी विराट रामायण मंदिर में दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग का भी निर्माण हो रहा। मंदिर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) के कैथवलिया में बनने वाले विराट रामायण मंदिर की शुरुआत वर्ष 2012 में हुई थी। यह पटना के महावीर मंदिर की महत्वाकांक्षी परियोजना है। जब भूमि पूजन की गई थी, उस वक्त के भाजपा विधायक सचिंद्र सिंह ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था, लेकिन जब पॉलिटिकल प्रभाव के कारण मंदिर के कार्य में व्यवधान उत्पन्न होने लगा तो पूर्वी आईपीएस अधिकारी और महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने राजनीत से दूर रहते हुए कार्य की आगे बढ़ाया।
जानिए, विराट रामायण मंदिर के बारे में
यह मंदिर सवा सौ एकड़ जमीन में फैला हुआ। मंदिर का क्षेत्रफल 3.67 लाख वर्गफुट होगा। सबसे ऊंचा शिखर 270 फीट का होगा। 198 फीट का एक शिखर होगा। जबकि 180 फीट के चार शिखर रहेंगे। 135 फीट का एक शिखर और 108 फीट ऊंचाई के 5 शिखर होंगे। विराट रामायण मंदिर की लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट है। जब मंदिर पूरी तरह तैयार हो जाएगा तो अयोध्या से जनकपुर की ओर जाते वक्त इसका दृश्य दिखाई देगा।
जानिए, दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग के बारे में
दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग 2025 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसका निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इसकी खासियत है कि यह शिवलिंग सहस्त्र शिवलिंग होगा। इसमें हजार शिवलिंग की आकृति होगी। 1500 साल बाद ऐसे सहस्त्र शिवलिंग का निर्माण करवाया जा रहा है। इसके पहले 800 ई. में सहस्त्र शिवलिंग का निर्माण किया गया था। काले ग्रेनाइट से बनने वाले इस शिवलिंग पर तीन मंजिला मंदिर के ऊपर तल से जलाभिषेक होगा। इस शिवलिंग का वजन 210 टन होगा। जबकि इसकी ऊंचाई 33 फीट और गोलाई 33 भी होगी। श्रद्धालु 33 फीट की ऊंचाई से सीधा महादेव को जल अर्पित कर पाएंगे।