Bihar News : दो इंजीनियरों की हत्या के सभी आरोपी हुए दोषमुक्त, दिनदहाड़े अत्याधुनिक हथियार से किया था छलनी
Double Engineer Murder Case : 2015 में डबल इंजीनियर मर्डर हुआ था। सड़क कंस्ट्रक्शन कंपनी के द्वारा रंगदारी नहीं देने पर संतोष झा गैंग ने दोनों इंजीनियर को दिन दहाड़े गोलियों से भून दिया था। इस मामले में हाई कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है।
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दरभंगा में जिले के बहेड़ी थाना क्षेत्र में हुई डबल इंजीनियर की हत्या मामले कुख्यात संतोष झा और मुकेश पाठक कालिया सहित सभी नामजद अभियुक्तों को पटना हाईकोर्ट बरी कर दिया है। वर्ष 2015 दिसंबर में बिहार के चर्चित डबल इंजीनियर मर्डर दिनदहाड़े बहेरी में हुआ था, जिसमें सड़क कंस्ट्रक्शन कंपनी के द्वारा रंगदारी नहीं देने पर संतोष झा गैंग ने इंजीनियर को दिन दहाड़े गोलियों से भून दिया था। इस मामले में संतोष झा, विकास झा कालिया, मुकेश पाठक, निकेश दुवे, पिंटू झा, मुन्नी देवी, पिंटू लाल देव, संजय लाल देव, पिंटू तिवारी और अभिषेक झा सभी आरोपियों को दरभंगा जिला एवं सत्र न्यायालय के द्वारा आजीवन कारावास की सजा मार्च 2018 में सुनाई गई थी| इस घटना के बाद संतोष झा एवं अभिषेक झा की मोतिहारी न्यायालय परिसर पेशी के दौरान हत्या कर दी गई थी।
दरभंगा व्यवहार न्यायालय से मिली उम्र कैद की सजा के निर्णय के खिलाफ सभी अभियुक्तों ने पटना उच्च न्यायालय में अपील किया था, जिसकी सुनवाई पटना उच्च न्यायालय के जस्टिस आशुतोष कुमार और जस्टिस राजेश कुमार वर्मा के खंडपीठ ने किया था। सुनवाई पूरी होने के बाद अंतिम निर्णय निर्णय सुरक्षित रखा गया था | इस मामले में फैसला आज सुनाया गया, जिसमें सभी अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया गया। उक्त मामले में मुख्य अभियुक्त विकास झा कालिया का पक्ष अधिवक्ता अशहर मुस्तफा, प्रतीक मिश्रा और विकास कुमार झा के द्वारा रखा गया।
बहेड़ी थाना क्षेत्र में सड़क निर्माण कंपनी के इंजीनियर ब्रजेश कुमार सिंह और मुकेश कुमार सिंह को दिनदहाड़े अत्याधुनिक हथियार से भून दिया गया था, जिससे दोनो की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस मामले में दरभंगा पुलिस ने बड़ी और तेजी से कार्यवाई करते हुए मुकेश पाठक ,संतोष झा कालिया सहित सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न सिर्फ जेल भेजा बल्कि तेजी से चार्जसीट दाखिल किया। दरभंगा व्यवहार न्यायालय के एडीजे 5 रूपेश देव ने मार्च 2018 में सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अधिवक्ता विकास कुमार झा ने बताया कि त्रुटिपूर्ण अनुसंधान एवं साक्ष्य के अभाव में पटना उच्च न्यायालय ने सभी अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया।