Bapu Tower : पटना का बापू टावर देश में ऐसा इकलौता; सीएम नीतीश कुमार ने गांधी जयंती पर किया लोकार्पण
Gandhi Jayanti : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गांधी जयंती पर बापू टावर का लोकार्पण किया। 129 करोड़ की लागत से बना बापू टावर सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। इसमें महात्मा गाँधी से संबंधित कई जानकारियों को समावेशित किया गया है।
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को समर्पित देश में इस तरह का यह पहला टावर है। बापू टावर सीएम नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। 7 एकड़ में फैले इस टावर की ऊंचाई 120 फीट है। इसमें 6 मंजिल है। एक ऑडिटोरियम है। इसमें 129 करोड़ की लागत आई है। रात में लाइटिंग के दौरान बापू टावर सोने की तरह चमकता हुआ दिखता है। बुधवार को गांधी जयंती पर इसका लोकार्पण किया गया।
2018 में शुरू हुआ था बापू टावर का बनना
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट का आज उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गांधी जयंती के मौके पर गर्दनीबाग में स्थित बापू टावर का उद्घाटन और लोकार्पण किया। यह 7 साल पहले 2018 में बनना शुरू हुआ था। शुरुआती समय में इसे 3 साल में बन कर तैयार हो जाना था, लेकिन किसी न किसी कारणवश इसे पूरा होने में 7 साल लग गए। और अंततः आज 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बापू टावर का उद्घाटन किया।
सात एकड़ में फैला है बापू टावर
बापू टावर मुख्य रूप से 7 एकड़ में फैला हुआ है। एक एकड़ में यह टावर है, जबकि 6 एकड़ में इसका कैंपस है। इस कैंपस में पार्किंग की पूरी व्यवस्था है। पार्किंग के लिए बनाए गए जगह में एक बार में 135 से 150 दो पहिया वाहन, 60 से 70 कार और 6 बस लगने की जगह है। इस कैंपस में आने के लिए दो गेट बनाए गए हैं। कार और गाड़ी आने के लिए अलग गेट है, जबकि पैदल आने के लिए दूसरा गेट। कैंपस में प्रवेश करते ही एक टिकट काउंटर बनाया गया है, जहां पर अंदर घुमने के लिए टिकट के रूप में एक न्यूनतम राशि निर्धारित की गई है। दिव्यांगों के लिए एक अलग व्यवस्था की गई है।
बापू के प्रेरणादायक तस्वीरों से लोग ले सकेंगे प्रेरणा
बापू टावर मुख्य रूप से दो हिस्सों में बंटा हुआ है। एक हिस्सा आयताकार है, जबकि दूसरा हिस्सा गोलाकार।आयताकार हिस्से में तीन एग्जिबिशन गैलरी, ऑडिटोरियम, वेटिंग रूम, दुकान और कैंटीन हैं। नीचे से ऊपर जाने के लिए चार लिफ्ट बनाए गए हैं। दिव्यांगों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है।गोलाकार भवन 120 फीट ऊंचा है, जिसमें ऊपर जाने के लिए पांच रैंप बनाए गए हैं। यह भवन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस भवन में महात्मा गांधी से जुड़ी सारी जानकारियों को प्रदर्शित किया गया है। चाहे वह माध्यम तस्वीर की हो या स्टैचू की। दीवार पर महात्मा गांधी से जुड़ी कई तस्वीरें भी उनके प्रेरणादायक चरित्र का बयान करती दिख रही हैं।उसे देखने के बाद लोग प्रेरणा ले सकेंगे। इसके अलावा कट आउट भी है। सबसे अच्छी और खूबसूरत चीज यह है कि इसमें स्क्रीन प्रोजेक्टर भी लगा हुआ है, जो महात्मा गांधी से जुड़ी हर उन बातों की जानकारी देता रहेगा। इसमें 60 व्यक्तियों की क्षमता वाले ऑडिटेंशन हॉल भी बनाया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महात्मा गांधी के 150 वें जयंती पर बापू टावर के रूप में बिहार वासियों के लिए एक बड़ी सौगात देने जा रहे हैं।