फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar News : IAS Sanjeev Hans arrested if patna High court no relief in gangrape case with gulab yadav

Bihar : IAS संजीव हंस की गिरफ्तारी का खतरा फिलहाल खत्म, पटना हाईकोर्ट ने गैंगरेप की प्राथमिकी को रदद् किया

Tue, 06 Aug 2024 03:16 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण Updated Tue, 06 Aug 2024 03:16 PM IST
सार

Bihar : IAS अधिकारी संजीव हंस ने आज हाईकोर्ट के फैसले पर राहत की सांस ली है। ईडी के द्वारा उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े प्रमाण और गैंगरेप के आरोप सही पाए जाने के बाद सरकार ने भी उनके पद छिन लिए थे। 

विज्ञापन
Bihar News : IAS Sanjeev Hans arrested if patna High court no relief in gangrape case with gulab yadav
आईएएस अधिकारी संजीव हंस और गुलाब यादव - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

बिहार के चर्चित आईएएस संजीव हंस की गिरफ्तारी को लेकर आज फैसला आ गया, जिसमें कोर्ट ने संजीव हंस को बड़ी राहत दी है। हाई कोर्ट के फैसले पर इस बड़े अधिकारी पर आफत आ सकती थी, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से बड़ी राहत देते हुए कोर्ट ने गैंगरेप की एफआईआर को ही रद्द कर दिया है। उसके आधार पर की गई पुलिस जांच भी इसी के साथ बेकार चली गई है। अब पीड़िता को सुप्रीम कोर्ट जाने का ही ऑप्शन रह गया है। एक महिला अधिवक्ता ने आईएएस संजीव हंस और राष्ट्रीय जनता दल के तत्कालीन विधायक गुलाब यादव पर गैंगरेप का आरोप लगाया था। महिला के आरोप लगाने के बाद आईएएस अधिकारी संजीव हंस ने पटना हाईकोर्ट से राहत की मांग की थी। हाईकोर्ट ने उनको तत्काल राहत भी दी थी। दलीलों पर सुनवाई चल रही थी। पटना हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप कुमार की बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनते हुए फैसले की तारीख 6 अगस्त को रखी थी। अब कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए संजीव हंस के विरुद्ध रेप के मामले को खारिज करने के लिए दायर याचिका पर फैसला ले लिया है। इस फैसले के बाद भी हंस पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी रहेगी, क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय ने भी कई तरह के सबूत जुटाए हैं।

विज्ञापन


2 अगस्त को छीन लिए गये थे पद 
संजीव हंस की कभी भी गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए सरकार ने उनसे उनके सारे पद छिन लिए थे। आईएएस संजीव हंस के खिलाफ ईडी ने भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े कई प्रमाण हासिल किये हैं। इसके लिए संजीव हंस को ईडी ने बुलाया भी था। इतना ही नहीं पटना पुलिस ने उन पर लगे गैंगरेप के आरोप को भी सही पाया था। गैंगरेप की ही प्राथमिकी को हाईकोर्ट ने मंगलवार को रद्द किया है।
विज्ञापन


इस वजह से सरकार ने छीन लिए थे पद 
आरोपी आईएएस अधिकारी संजीव हंस और गुलाब यादव ने पटना उच्च न्यायालय  में रूपसपुर थाना में दर्ज एफआईआर को निरस्त करने के लिए क्रिमिनल रिट याचिका दायर किया था। आईएएस अधिकारी संजीव हंस की ओर से दायर याचिका की सुनवाई जून महीने में हुई। सुनवाई के दौरान पीड़ित महिला की तरफ से एडवोकेट ने सीआरपीसी 340 के तहत याचिका दायर किया था, इसलिए कोर्ट ने उस दिन फैसले को सुरक्षित रख लिया था। सरकार की नजर हाईकोर्ट पर टिकी हुई थी, इसलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए फैसला आने से पहले ही सरकार ने संजीव हंस से उनके सारे अधिकार छीनते हुए उन्हें पद से हटा दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जानिये क्या है पूरी कहानी 
जब बिहार में तेजस्वी यादव के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहली बार महागठबंधन सरकार बनी थी, तब गुलाब यादव लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के विधायक थे। औरंगाबाद की एक महिला अधिवक्ता ने 53 साल के गुलाब यादव, 48 साल के संजीव हंस और गुलाब यादव के नौकर ललित पर धोखाधड़ी और साजिश कर जान मारने की धमकी देकर रेप और सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए पटना के रूपसपुर थाना में गैंगरेप का मामला दर्ज कराया था।महिला का कहना था कि उसे राज्य महिला आयोग की सदस्य बनाने के झांसे में पटना बुलाकर गुलाब यादव ने उनका बलात्कार किया था। महिला अधिवक्ता के मुताबिक जब उसने पुलिस में शिकायत की बात कही तो शादी का झांसा देकर गुलाब यादव ने उनकी मांग में सिंदूर डाल दिया। लंबे समय तक जब इस रिश्ते को गुलाब यादव ने सामाजिक मान्यता नहीं दी तो बातचीत कर फिर झांसे में लिया। इस बार दूसरे राज्य के होटल में बुलाकर गुलाब यादव ने उसके साथ फिर संबंध स्थापित किया। गुलाब यादव के साथ इस बार महिला के सामने आईएएस संजीव हंस भी आए। महिला का आरोप है कि वहां संजीव हंस ने भी उसके साथ बलात्कार किया। इस दौरान रेप का वीडियो बनाया और उसे वायरल करने की धमकी देकर गर्भपात कराया गया। पटना पुलिस ने जांच करते हुए आरोप की पुष्टि की। पटना एसएसपी राजीव मिश्रा ने 17 अप्रैल 2023 को रिपोर्ट दी, जिसमें सिटी एसपी की भी रिपोर्ट पर सहमति जताते हुए गैंग रेप के आरोपों की पुष्टि की थी।


ऐसे हुई ईडी की एंट्री
जब महिला ने प्राथमिकी दर्ज कराने की धमकी देने लगी तब उसका मुंह बंद रखने और बयान बदलने के लिए महिला को इन दोनों ने 90 लाख रुपये बैंक ट्रांसफर किए और एक लग्जरी गाड़ी भी गिफ्ट की। पुलिस की जांच में रुपयों के लेनदेन का मामला सामने आया तो ईडी की एंट्री हुई। ईडी की एंट्री होते ही संजीव हंस के ठिकानों पर छापेमारी शुरू हो गई। फिर उनसे पूछताछ भी हुई। कुल मिलाकर सारे गुनाहों के प्रमाण एक जगह जुटने लगे। ईडी को आईएएस अधिकारी संजीव हंस के सरकारी पदों पर रहते हुए कंपनियों को फायदा पहुंचाने और इसके एवज में रुपये लेनदेन के दस्तावेज भी हाथ लगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed