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Bihar IAS Controversy : केके पाठक ने आप्त सचिव से कहा- आप काम करने के लायक नहीं, डॉ. की उपाधि का सबूत दीजिए

Wed, 05 Jul 2023 11:18 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Wed, 05 Jul 2023 11:18 PM IST
सार

Bihar News : अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने लिखा कि आपके द्वारा लिखे गये पीत-पत्र तुरंत लौटा दिये जाएं। आपको आगाह किया जाता है कि आप व्यर्थ का पत्राचार न करें। क्या आप वाकई किसी उच्च शिक्षण संस्थान में प्राध्यापक रह चुके हैं?

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Bihar News : IAS KK Pathak wrote a letter to secretary, asked questions; Education Minister, chandrashekhar
IAS अधिकारी केके पाठक और शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने पीत पत्र के जवाब में आप्त सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने इस पत्र के जरिए आप्त सचिव की कार्यशैली पर सवाल उठाया था। साथ ही अप्रत्यक्ष रुप से शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर पर भी निशाना साधा। साधारण वाक्यों में कहें तो शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर के आरोपों पर शिक्षा विभाग के अपर सचिव ने जवाब दिया है। पत्र के माध्यम से उन्होंने आप्त सचिव को कड़ी फटकार लगाई है और नसीहत भी दी है। IAS अधिकारी केके पाठक ने कहा जो पत्र में जो लिखा, वह आपको जस के तस आपके सामने है...

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IAS केके पाठक ने लिखा कि पिछले एक सप्ताह में आपके द्वारा भाँति-भाँति के पीत-पुत्रों में भाँति-भाँति के निदेश विभाग और विभागीय पदाधिकारियों को भेजे गये हैं। इस संबंध में आपको आगाह किया गया था कि आप आप्त सचिव (बाह्य) तौर पर है। अतः आपको नियमत: सरकारी अधिकारियों से सीधे पत्राचार नहीं करना चाहिए। किन्तु आपके लगातार जारी अनर्गल पीत-पत्रों और अविवेकपूर्ण बातों से यह पता चलता है कि आपको माननीय मंत्री के प्रकोष्ठ में अब कोई काम नहीं है और आप व्यर्थ के पत्र लिखकर विभाग के पदाधिकारियों का समय नष्ट कर रहे हैं।
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आप मंत्री के प्रकोष्ठ में काम करने के लायक नहीं हैं
उल्लेखनीय है कि आपकी सेवाएँ लौटाने के लिए सक्षम प्राधिकार को विभाग पहले ही लिख चुका है। विभाग द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि अब आप शिक्षा विभाग के कार्यालय में भौतिक रूप से प्रवेश नहीं कर सकते हैं। विभाग को यह भी पता चला है कि आप विभाग पर मुकदमा कर चुके है, जिसके कारण आपकी सेवा सामंजन का प्रस्ताव विभाग द्वारा काफी समय से लगातार खारिज किया जाता रहा है। अतः आप स्वयं एक माननीय विभागीय मंत्री के प्रकोष्ठ में काम करने के लायक नहीं हैं। इन्हीं कारणों से सक्षम प्राधिकार को आपको हटाने के लिए पत्र लिखा जा चुका है।
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क्या आप वाकई किसी उच्च शिक्षण संस्थान में प्राध्यापक रह चुके हैं ?
आपसे अनुरोध है कि आप स्वयं या अपने संरक्षकों (जिनके कहने पर ये तथाकथित पीत-पत्र लिख रहे हैं पूरी प्रक्रियाओं से अवगत हो लें और उसके बाद ही किसी प्रकार का पत्राचार करें। व्यर्थ का पत्राचार करने से आपका और आपके संरक्षकों की कुत्सित मानसिकता एवं अकर्मण्यता जाहिर होती है। विभागीय पदाधिकारियों के लिए संभव नहीं है कि वे आपके हर प्रकार के पत्रों का बार-बार उत्तर देते रहे। विभाग में यह भी निदेश निर्गत कर दिया गया है कि आपके द्वारा लिखे गये पत्र / पीत-पत्र तुरंत लौटा दिये जाएं आपको पुनः आगाह किया जाता है कि आप व्यर्थ का पत्राचार न करें और अपने नाम के आगे जो डॉक्टर लगाते हैं, उसका सबूत दे कि क्या आप वाकई किसी उच्च शिक्षण संस्थान में प्राध्यापक रह चुके हैं ?

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