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Bihar News: कल हुआ DEO में प्रमोशन, आज पदभार ग्रहण से पहले 50 हजार घूस लेते पकड़े गए 'देव'

Thu, 16 Mar 2023 04:52 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 16 Mar 2023 04:52 PM IST
सार

बिहार के सीतामढ़ी जिले में डीपीओ 50 हजार रुपये घूस लेते हुए गिरफ्तार हुआ है। कल ही डीपीओ संजय कुमार देव का प्रमोशन हुआ है।

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Bihar News DPO arrested for taking Rs 50,000 bribe in Bihar Sitamarhi
बिहार में निगरानी की कार्रवाई लगातार चल रही, लेकिन लोग भ्रष्टाचार छोड़ नहीं रहे। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीतामढ़ी जिले के डीपीओ (मध्याह्न) संजय कुमार देव कन्हैया गुरुवार को निगरानी विभाग के हत्थे चढ़ गए। निगरानी की टीम ने इन्हें 50 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बुधवार को ही इनका विभाग के द्वारा प्रमोशन कर सीतामढ़ी जिला शिक्षा पदाधिकारी बनाया गया था। आज वह अपना नया पदभार ग्रहण करने वाले थे, इससे पहले वह अपने मध्याह्न भोजन कार्यालय में बैठे थे। वहां निगरानी पहले से जाल बिछाकर बैठी थी। 

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जानबूझ कर फंसाने का आरोप लगा हंगामा
घटना के बाद जिले में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। निगरानी टीम के द्वारा पूछताछ के बाद गिरफ्तार पदाधिकारी को अपने साथ ले गई। इधर, मामले को लेकर दर्जनों के संख्या में पदाधिकारी के समर्थक, शिक्षक और कर्मी सर्किट हाउस पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। उनका कहना था कि गिरफ्तारी पदाधिकारी साफ छवि के लोग हैं। उन्हें जान बूझकर फंसाया गया है। इसके सत्यापन को लेकर जब सभी कर्मी डीपीओ कार्यालय पहुंचे। इसके बाद वहा चेंबर में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को चेक किया। जहां 10 मिनट का सीसीटीवी फुटेज गायब मिला। सीसीटीवी फुटेज में 1 बजकर 22 मिनट से लेकर 1.32 तक का फुटेज भी गायब कर दिया गया है। आक्रोशित लोग इस घटना की जांच करने की मांग कर रहे हैं।
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घोटाले के आरोपी से घूस लेना पड़ गया महंगा
निगरानी के उपाधीक्षक ने बताया कि उन्हें रंगे हाथ पैसे लेते गिरफ्तार किया गया है। बताया कि डीपीओ के द्वारा 18 लाख के मध्याह्न भोजन में घोटाले का तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच किया गया था, जिसमें रितेश रंजन को दोषी पाते हुए कार्य मुक्त करने की कार्रवाई चल रही थी। इसी बीच परिवादी रितेश के द्वारा घूस के रूप में ढाई लाख का मांग किया गया था, जिसमें 50 हजार रुपया देने पहुंचा। इसी दौरान निगरानी की टीम उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सर्किट हाउस से ले जाने के दौरान समर्थक और निगरानी की टीम में काफी बहस भी हुई, जिसके बाद निगरानी की टीम भारी संख्या में पुलिस बल को बुलाया है। फिलहाल, मामला शांत नहीं है। समर्थक जांच की मांग कर रहे हैं।

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