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Bihar: तबादले के चार साल बाद नहीं सौंपा नाजिर ने अपना प्रभार, हिसाब में भी गड़बड़ की; अब डीएम ने दिया निलंबित
Sat, 08 Feb 2025 04:43 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खगड़िया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खगड़िया
Published by: आदित्य आनंद
Updated Sat, 08 Feb 2025 04:43 PM IST
सार
परबत्ता प्रखंड के निलंबित नाजिर प्रशांत भारती के द्वारा मानसी प्रखंड में रहते हुए 1.46 हजार रुपये सरकारी खजाने से खर्च किया गया था। लेकिन, अपने तबादले के बाद उनके द्वारा खर्च की कई रकम का हिसाब प्रखंड कार्यालय मानसी को नहीं दिया गया।
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खगड़िया डीएम ने यह कार्रवाई की।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
खगड़िया डीएम अमित कुमार पांडेय ने परबत्ता प्रखंड के नाजिर पर एफआईआर करने का आदेश दिया है। वहीं उनके निबंलन करते हुए उनपर प्रपत्र क गठित किया जाएगा। डीएम के इस आदेश पर सरकारी महकमें में खलबली मची है। दरअसल बीते वर्ष 2021 के जून माह में मानसी प्रखंड में कार्यरत प्रखंड नाजिर प्रशांत भारती पर आरोप है कि अपने तबादले के बाद उनके द्वारा अपना प्रभार चार वर्षों से नहीं दिया गया है। इसको लेकर उनको मानसी बीडीओ के द्वारा बार-बार पत्र जारी किये गए। बावजूद नाजिर ने बीडीओ के निर्देश का पालन नहीं किया। वहीं उक्त नाजिर के द्वारा खर्च किये गए एक लाख 46 हजार रुपये का हिसाब (वाउचर) भी गायब कर दिया गया। जिसके बाद डीएम की तरफ से यह कारर्वाई की गई है। डीएम अमित कुमार पांडेय ने बताया कि कोई भी सरकारी कर्मी अगर नियमों का पालन नहीं करेगा तो उसपर कार्रवाई की जाएगी।
मानसी नजारत से खर्च हुए थे 1.46 लाख रुपये
गौरतलब है कि परबत्ता प्रखंड के निलंबित नाजिर प्रशांत भारती के द्वारा मानसी प्रखंड में रहते हुए 1.46 हजार रुपये सरकारी खजाने से खर्च किया गया था। लेकिन, अपने तबादले के बाद उनके द्वारा खर्च की कई रकम का हिसाब प्रखंड कार्यालय मानसी को नहीं दिया गया। वहीं नाजिर ने 4 वर्षों से अपने पास मौजूद संचिकाओं का प्रभार अन्य कर्मी को नहीं दिया है। जिसके बाद बीडीओ ने डीएम को उनपर कार्रवाई की अनुशंशा की है।
कई विवादों से है नाता
बता दें कि निलंबित नाजिर प्रशांत सुमन पर कई विवाद भी हैं। वह जहां भी रहे वहां उनके कार्य को लेकर हमेशा सवाल खड़े होते रहे। बताया जा रहा है कि मानसी में भी उनके द्वारा वरीय अधिकारी को सूचना दिये सरकारी रकम खर्च की गई है। जिसके लिए अब उनसे जिला प्रशासन की तरफ से हिसाब मांगा जा रहा है।
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मानसी नजारत से खर्च हुए थे 1.46 लाख रुपये
गौरतलब है कि परबत्ता प्रखंड के निलंबित नाजिर प्रशांत भारती के द्वारा मानसी प्रखंड में रहते हुए 1.46 हजार रुपये सरकारी खजाने से खर्च किया गया था। लेकिन, अपने तबादले के बाद उनके द्वारा खर्च की कई रकम का हिसाब प्रखंड कार्यालय मानसी को नहीं दिया गया। वहीं नाजिर ने 4 वर्षों से अपने पास मौजूद संचिकाओं का प्रभार अन्य कर्मी को नहीं दिया है। जिसके बाद बीडीओ ने डीएम को उनपर कार्रवाई की अनुशंशा की है।
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कई विवादों से है नाता
बता दें कि निलंबित नाजिर प्रशांत सुमन पर कई विवाद भी हैं। वह जहां भी रहे वहां उनके कार्य को लेकर हमेशा सवाल खड़े होते रहे। बताया जा रहा है कि मानसी में भी उनके द्वारा वरीय अधिकारी को सूचना दिये सरकारी रकम खर्च की गई है। जिसके लिए अब उनसे जिला प्रशासन की तरफ से हिसाब मांगा जा रहा है।
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