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Bihar News: थाने में तैनात एएसआई पर भ्रष्टाचार का केस, डीजीपी के निर्देश पर कार्रवाई
Tue, 10 Jun 2025 04:52 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Tue, 10 Jun 2025 04:52 PM IST
सार
मधुबनी जिले के हरलाखी थाना में तैनात सहायक अवर निरीक्षक (ASI) प्रमोद कुमार पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एएसआई को एक केस के निपटारे के एवज में अपने सरकारी आवास पर रिश्वत लेते हुए देखा गया।
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हरलाखी थाने में हुई ये कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मधुबनी जिले के हरलाखी थाना में तैनात सहायक अवर निरीक्षक (ASI) प्रमोद कुमार पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एएसआई को एक केस के निपटारे के एवज में अपने सरकारी आवास पर रिश्वत लेते हुए देखा गया। हालांकि वीडियो की पुष्टि अमर उजाला नहीं करता, लेकिन इस क्लिप के वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और बिहार पुलिस के डीजीपी तक जा पहुंचा।
डीजीपी के निर्देश के बाद त्वरित कार्रवाई
वीडियो के संज्ञान में आने पर डीजीपी ने मधुबनी के पुलिस अधीक्षक को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद तत्काल जांच कराई गई, जिसमें एएसआई प्रमोद कुमार को दोषी पाया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उसी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
कई मामलों में हुई है कार्रवाई
हरलाखी थाना में इससे पहले भी कई पुलिसकर्मी भ्रष्टाचार या अनुशासनहीनता के आरोप में कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। एएसआई मनोज राम को रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल होने पर निलंबित किया गया था। एसआई ध्यानी पासवान को एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल होने पर सस्पेंड किया गया। पूर्व थानाध्यक्ष जितेंद्र सहनी को तस्करों से मिलीभगत के आरोप में निलंबित किया गया था। थाने के चौकीदार अजय कुमार का रिश्वत मांगने वाला वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद उन्हें भी निलंबित किया गया।
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यह भी पढ़ें: पटना में डबल मर्डर, सड़क किनारे मिले दोनों के शव, अपराधियों ने गोली मारकर उतारा मौत के घाट
पत्रकार की गिरफ्तारी पर भी उठे सवाल
एएसआई प्रमोद कुमार के मामले में पहले पुलिस ने हरलाखी प्रखंड के पत्रकार हरि शम्भू को गिरफ्तार कर मामले को दबाने की कोशिश की। लेकिन जैसे ही मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, तब जाकर कार्रवाई की दिशा बदली और सच्चाई उजागर हुई।
"भ्रष्टाचार करने वाला अब बचेगा नहीं"
इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार पुलिस के भीतर भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूती से सामने रखा है। पहली बार मधुबनी जिले में किसी एएसआई पर उसी थाने में केस दर्ज हुआ है, जो पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह स्पष्ट संकेत है कि अगर कोई भी कानून का रक्षक कानून तोड़ेगा, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है।
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डीजीपी के निर्देश के बाद त्वरित कार्रवाई
वीडियो के संज्ञान में आने पर डीजीपी ने मधुबनी के पुलिस अधीक्षक को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद तत्काल जांच कराई गई, जिसमें एएसआई प्रमोद कुमार को दोषी पाया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उसी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
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कई मामलों में हुई है कार्रवाई
हरलाखी थाना में इससे पहले भी कई पुलिसकर्मी भ्रष्टाचार या अनुशासनहीनता के आरोप में कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। एएसआई मनोज राम को रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल होने पर निलंबित किया गया था। एसआई ध्यानी पासवान को एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल होने पर सस्पेंड किया गया। पूर्व थानाध्यक्ष जितेंद्र सहनी को तस्करों से मिलीभगत के आरोप में निलंबित किया गया था। थाने के चौकीदार अजय कुमार का रिश्वत मांगने वाला वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद उन्हें भी निलंबित किया गया।
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पत्रकार की गिरफ्तारी पर भी उठे सवाल
एएसआई प्रमोद कुमार के मामले में पहले पुलिस ने हरलाखी प्रखंड के पत्रकार हरि शम्भू को गिरफ्तार कर मामले को दबाने की कोशिश की। लेकिन जैसे ही मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, तब जाकर कार्रवाई की दिशा बदली और सच्चाई उजागर हुई।
"भ्रष्टाचार करने वाला अब बचेगा नहीं"
इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार पुलिस के भीतर भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूती से सामने रखा है। पहली बार मधुबनी जिले में किसी एएसआई पर उसी थाने में केस दर्ज हुआ है, जो पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह स्पष्ट संकेत है कि अगर कोई भी कानून का रक्षक कानून तोड़ेगा, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है।