Bihar: अब घर बैठे करवाएं अपने मवेशियों का इलाज; सीएम नीतीश ने दी 534 प्रखंडों को दी सौगात, यह सुविधाएं मिलेंगी
डॉ. विजयलक्ष्मी ने कहा कि मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई का परिचालन प्रत्येक कार्य दिवस में सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक किया जायेगा। पशुपालक को ऑनलाइन भी कई सुविधाएं मिलेंगी।
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बिहार के किसानों और पशुपालकों के लिए काम की खबर है। बिहार सरकार ने अब घर-घर जाकर पशु चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध करवाएगी। यानी अब आपको अपने बीमार मवेशियों का इलाज करवाने के लिए अस्पताल या प्राइवेट पशु चिकित्सक का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के पशुपालकों के लिए डोर स्टेप पशु चिकित्सा सेवा सुविधा उपलब्ध करवा दी है। सोमवार को सीएम नीतीश कुमार ने मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई, कॉल सेन्टर एवं मोबाइल एप का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री द्वारा हरी झंडी दिखाकर मोबाइल पशु चिकित्सा इकाईयों को विभिन्न प्रखंडों के लिए रवाना किया गया।
इस कार्यक्रम के बाद सूचना भवन के संवाद कक्ष में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की मंत्री रेणु देवी ने उक्त जानकारियों देते हुए बताया कि 534 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाईयों एवं कॉल सेन्टर का लोकार्पण एवं शुभारंभ राज्य के पशु चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने आगे बताया कि पशुपालकों को अपने बीमार पशुओं को पशु चिकित्सालय तक लाने में होने वाली कठिनाईयों को देखते हुए पशुपालकों के दरवाजे पर पशु चिकित्सा (डोर स्टेप पशु चिकित्सा सेवा) सुविधा उपलब्ध कराने हेतु राज्य के सभी 534 प्रखंडों हेतु एक-एक मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई के परिचालन की व्यवस्था की गयी है।
कठिनाइयों से पशुपालकों को राहत मिलेगी
मोबाइल पशु चिकित्सा इकाईयों के परिचालन से सुदूर इलाकों से बीमार पशुओं को पशु चिकित्सालय लाने में होने वाली कठिनाइयों से पशुपालकों को राहत मिलेगी। बीमार पशुओं को पशु चिकित्सालय लाने में लगने वाले समय एवं व्यय की बचत होगी। साथ ही अस्वस्थ पशुओं की त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा संभव हो सकेगी। वहीं पशुओं में संक्रामक रोग फैलने की स्थिति में रोग की त्वरित जांच एवं प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा तथा पशुपालकों के बीच विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जायेगा।
कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा भी उपलब्ध
इस अवसर पर पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की प्रधान सचिव, डॉ. विजयलक्ष्मी ने बताया कि मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई जीपीएस सुविधा युक्त एक सुसज्जित वाहन है जिसमें पशु रोगों की पहचान, पशु चिकित्सा एवं लघु सर्जरी, ऑडियो-विजुअल प्रचार के लिए आवश्यक उपकरण के साथ पशुओं की चिकित्सा के लिए आवश्यक दवा के साथ कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई में एक पशु चिकित्सक, एक पशु चिकित्सा सहायक एवं एक चालक सह- परिचारी की व्यवस्था की गयी है। मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई का परिचालन प्रत्येक कार्य दिवस में सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक किया जायेगा। पशुपालकों की सुविधा हेतु एक कॉल सेंटर की स्थापना राज्य मुख्यालय स्तर पर पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना के परिसर में की गयी है। पशुपालक अपने मोबाइल पर उक्त एप को डाउनलोड कर पशु चिकित्सा सेवाओं हेतु सम्पर्क कर सकते हैं। राज्य के पशुपालक प्रत्येक कार्य दिवस मेंसुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक की अवधि में कॉल सेन्टर के टॉल फ्री नम्बर 1962 पर दूरभाष के माध्यम से कॉल कर अथवा मोबाइल एप के माध्यम से कॉल सेन्टर में पशु चिकित्सा हेतु सम्पर्क कर सकते हैं। मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई के माध्यम से पशुपालकों के द्वार पर पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। कॉल सेन्टर में टेलिमेडिसीन की भी व्यवस्था है।