Chirag Paswan : चाचा पारस के नहले पर चिराग पासवान का दहला; भाजपा से दूरी के सवालों का ऐसे दिया जवाब
Bihar Politics: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वास्तव में, हमारी पार्टी का बिहार और केंद्र में भाजपा के साथ गठबंधन है। इसलिए, हम राष्ट्रीय स्तर पर और अपने गृह राज्य में गठबंधन धर्म का पालन करेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में सब कुछ ठीक चल रहा है। खासकर भाजपा और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बीच संबंधों कोई दरार नहीं पड़ी है। अब तक जो बातें चल रही थी वह महज अफवाह थी। केंद्रीय मंत्री और पीएम नरेंद्र मोदी के 'हनुमान' कहे जाने वाले चिराग पासवान ने इन सब बातों को स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने भाजपा से संबंधों के बीच दरार की अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि वह खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से "अविभाज्य" मानते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि भाजपा चाहे तो एनडीए के सहयोगी के रूप में आगामी बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। चिराग पासवान दिल्ली पहुंचकर अमित शाह से मिले।
पीएम मोदी के लिए मेरा प्यार अटूट
इधर, अपने चाचा व पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की गृह मंत्री अमित शाह के साथ हाल ही में हुई मुलाकात पर उन्होंने कहा कि उन्होंने (पारस) सभी जन समर्थन खो दिया है। वह लोकसभा चुनावों से पहले भी सभी लोगों से मिल रहे थे। वह अभ्यास बेकार साबित हुआ। वहीं वक्फ बोर्ड सुधार, लेटरल इंट्री, क्रीमी लेयर और अनुसूचित जातियों के उप-वर्गीकरण जैसे मुद्दों पर चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए मेरा प्यार अटूट है। मैं उनसे अविभाज्य हूं। जब तक वह प्रधानमंत्री हैं, मैं उनके साथ रहूंगा।
झारखंड विधानसभा चुनाव पर यह जबाव
चिराग ने कहा कि मेरे विचार हमेशा सरकार के रुख को दर्शाते हैं। इसका एक उदाहरण वक्फ विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को भेजना है। आगामी चुनाव के सवाल पर चिराग ने कहा कि उनकी पार्टी झारखंड जैसे राज्यों में एनडीए के सहयोगी के रूप में चुनाव लड़ने के खिलाफ नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वास्तव में, हमारी पार्टी का बिहार और केंद्र में भाजपा के साथ गठबंधन है। इसलिए, हम राष्ट्रीय स्तर पर और अपने गृह राज्य में गठबंधन धर्म का पालन करेंगे। झारखंड जैसे राज्यों में हमारे पास कोई शर्त नहीं है, इसका मतलब यह नहीं है कि हम वहां भाजपा के साथ गठबंधन के खिलाफ हैं। अगर भाजपा और अन्य एनडीए सहयोगी हमें साथ लेना चाहते हैं, तो हम तैयार हैं।