2024 Budget : देश का बजट पेश, बिहार के वित्त मंत्री कब बनाएंगे बजट; नीतीश कुमार सरकार में विभाग नहीं बंटे
Bihar News : देश का बजट पेश हो चुका है। विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने के बाद अब बिहार के लोगों की नजर बिहार के बजट पर है। पांच फरवरी से बजट सत्र होना था, लेकिन सरकार बदलने के कारण यह टल गया। संकट यह है कि अबतक वित्त मंत्री का नाम ही तय नहीं है।
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बिहार में पांच फरवरी से विधानमंडल का बजट सत्र शुरू होने वाला था। सारी तैयारियां हो रही थीं, इसी बीच नीतीश कुमार ने महागठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और कुछ घंटे बाद वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के मुखिया बनकर फिर सीएम बन गए। यह सब रविवार को ही हो गया। आज गुरुवार है। महीना बदल चुका है। मतलब, फरवरी आ गया है। गुरुवार को देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्र की मौजूदा मोदी सरकार का अंतरिम बजट पेश कर दिया। लेकिन, बिहार में राज्य बजट के लिए कोई सुगबुगाहट ही नहीं हो रही है। वजह है अबतक वित्त मंत्री का नाम पक्का नहीं होना।
भारतीय जनता पार्टी का दावा मजबूत
वर्ष 2005 से बिहार में जब-जब भाजपा के साथ जनता दल यूनाईटेड ने सरकार बनाई तो वित्त मंत्री की जिम्मेदारी सबसे लंबे समय तक पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के पास रही। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में जब सुशील कुमार मोदी को भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने दिल्ली का रुख करने कहा और राज्यसभा सांसद बनाया, तब भी भाजपा सरकार में वित्त विभाग की जिम्मेदारी भाजपा के कंधे पर थी। भाजपाई उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने 2022 का भी बजट पेश किया। इस बीच, जब-जब नीतीश कुमार ने महागठबंधन के सीएम के तौर पर सरकार का प्रतिनिधित्व किया तो जदयू की ओर से इस पद पर दावेदारी रही। पिछले साल, 2023 में राज्य बजट जदयू के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने पेश किया था। अब तक की परंपरा के अनुसार, मौजूदा सरकार में भाजपा का पलड़ा मजबूत है।
सम्राट या विजय- कौन संभालेंगे वित्त विभाग
बिहार में रविवार को नई सरकार बनी, लेकिन अबतक आठ में से किसी मंत्री को विभाग का आवंटन नहीं किया गया है। इसके पीछे 12 फरवरी को बहुमत परीक्षण बताया जा रहा है। मंत्रिमंडल की पूरी संख्या नहीं होने को भी विभागीय आवंटन की राह में रोड़ा बताया जा रहा है। वजह जो भी हो, विभाग नहीं मिलने के कारण यह तय नहीं हो पा रहा है कि बिहार का बजट तैयार कौन करेंगे। पिछली सरकार के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मंत्रीपद की शपथ ले चुके हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही हैं, इसलिए भाजपा को वित्त विभाग मिलने पर भी कुछ समय पहले तक हुई तैयारियों को आगे बढ़ाया जा सकता है। लेकिन, भाजपा नेताओं का मानना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जदयू के जुड़ने के बावजूद यह देखने लायक बात है कि महागठबंधन सरकार की प्राथमिकताएं अलग थीं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार की दूसरी हैं। इस जोड़-घटाव के लिए वित्त मंत्री का तय होना जरूरी है। इसके अलावा, सभी विभागों का बजट भी सामने आता है तो उसपर भी नए मंत्रियों को काम करना होगा। इस इंतजार के बीच सवाल यह उठ रहा है कि भाजपा अगर वित्त विभाग अपने पास रखती है तो उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को यह विभाग मिलेगा या दूसरे डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा इस जिम्मेदारी को संभालेंगे?