Bihar News: 'बिहार में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट का होगा गठन', CM सम्राट चौधरी ने ऐसी घोषणा करते हुए क्या कहा?
Bihar Crime News: बिहार में अपराध से जुड़े मामलों का जल्द से जल्द निपटारा हो, इसके लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने बड़ी तैयारी की है। सरकार जल्द ही पूरे राज्य में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करने जा रही है। सीएम सम्राट चौधरी ने आज इस बात की घोषणा की है।
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बिहार सरकार अपराध से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए राज्य में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए इसे अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और लोगों को जल्द न्याय दिलाने की दिशा में बड़ा कदम बताया। सम्राट चौधरी ने अपने पोस्ट में लिखा कि अपराध से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण एवं नियंत्रण के लिए 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना तथा न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाना है। यह घोषणा मुख्यमंत्री ने आज 'नए आपराधिक कानूनों (भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम) के एकीकृत कार्यान्वयन पर आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान कही।
न्याय दिलाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की लगभग 10 प्रतिशत आबादी और 14 करोड़ से अधिक लोगों को न्याय दिलाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बिहार की न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन पर है। उन्होंने कहा कि बिहार की पहचान सदैव 'न्याय के साथ विकास' की रही है और नए आपराधिक कानूनों का प्रभावी एवं जनहितकारी क्रियान्वयन इसी भावना को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि अपराध से जुड़े मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिये 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जायेगा। हमलोग सहयोग कार्यक्रम चला रहे हैं, उसमें आवेदनकर्ता द्वारा समस्या को लेकर आवेदन दिया जाता है और उसका 30 दिनों के अंदर निष्पादन किया जाता है। प्रत्येक महीने के पहले मंगलवार और तीसरे मंगलवार को सभी प्रखंडों में यह आयोजित किया जाता है। 30 दिनों में आवेदन का निष्पादन नहीं करने पर संबंधित अधिकारी को 31 वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से निलंबन का आदेश जाता है। प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को राज्य स्तर पर पटना में सहयोग शिविर का आयोजन किया जायेगा। इसमें वैसे लोग शामिल होंगे जिनके आवेदन का निष्पादन प्रखण्ड स्तर पर हुआ है लेकिन वे फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। उनकी समस्याओं का समाधान होगा और न्याय मिलेगा। न्यायपालिका और कार्यपालिका सहयोगी बनेंगे तो काम अच्छा होगा।
नागरिक केंद्रित दृष्टिकोण के साथ लागू करना समय की आवश्यकता है
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय तभी सार्थक होगा जब आम जनता का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा। इसके लिए न्यायपालिका, पुलिस और कार्यपालिका के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। सरकार और न्यायपालिका के बीच नियमित अंतराल पर समन्वय बैठकें आयोजित हों, ताकि जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम को नागरिक केंद्रित दृष्टिकोण के साथ लागू करना समय की आवश्यकता है। नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता है। अपराध नियंत्रण, निगरानी और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने में आधुनिक तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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मामलों का शीघ्र निष्पादन संभव हो सके, इसके लिए ऐसा किया जा रहा
सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार थानों को आधुनिक संसाधनों, सीसीटीवी डिजिटल उपकरणों तथा वैज्ञानिक जांच व्यवस्था से सुसज्जित कर रही है। फॉरेंसिक लैब, मोबाइल फोरेंसिक वैन और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की व्यवस्था को मजबूत किया गया है, जिससे मामलों का शीघ्र निष्पादन संभव हो सके। 112 आपातकालीन सेवा के माध्यम से पुलिस औसतन 10 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच रही है, इसे घटाकर 7 से 8 मिनट करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूलों और कॉलेजों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्पीडी ट्रायल, फास्ट ट्रैक कोर्ट तथा समयबद्ध न्याय व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सरकार हर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी।