बिहारः चुनाव से पहले नीतीश-लालू को बड़ा झटका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने बिहार में महागठबंधन से अलग होने का फैसला किया है। पार्टी के महासचिव और सांसद तारिक अनवर ने रविवार को पटना में एक प्रेस कांफ्रेंस में यह घोषणा की।
बिहार में महागठबंधन में जनता दल यूनाइटेड, राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस शामिल हैं, इस गठबंधन ने बीते बुधवार सीट बंटवारे की घोषणा की थी।
महागठबंधन से अलग होने की वजहों के बारे में तारिक अनवर ने बीबीसी को फोन पर बताया, ''सीट बंटवारे में एनसीपी को नज़रअंदाज करते हुए एकतरफ़ा फ़ैसले लिए गए, इससे हम मायूस थे।''
'नहीं चाहिए मुस्लिम चेहरा'
तारिक अनवर के मुताबिक महागठबंधन ने ऐसा इस कारण किया क्योंकि शायद उसे एनसीपी की मदद और किसी मुस्लिम चेहरे की जरूरत नहीं है। जुलाई में बिहार विधान परिषद की 24 सीटों के चुनाव में एनसीपी महागठबंधन का हिस्सा थी। वहीं 2014 का लोकसभा चुनाव उसने आरजेडी और कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ा था।
एआईएमआईएम लड़ेगा चुनाव
बिहार में विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सियासी हलचल हर दिन तेज़ होती जा रही है। रविवार को ही ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी एआईएमआईएम के प्रुमख और सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने किशनगंज में रैली कर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की।
दूसरी ओर राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी ने एनडीए में 67 सीटों की मांग की है. पार्टी नेता और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने रविवार को वैशाली ज़िले के लालगंज में पार्टी का दावा दोहराया।