बिहार बोर्ड के आदेश के बाद चप्पल पहनकर एग्जाम देने पहुंचे छात्र, उतरवाए गए जूते
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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने 10वीं की परीक्षा में परीक्षार्थियों के जूता मोजा पहनने पर रोक लगा दी है। बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षा भवन में उन्हीं परीक्षार्थियों को प्रवेश मिलेगा जो चप्पल या सैंडल पहनकर आएंगे। BSEB के आदेश का असर पूरे बिहार में देखने को मिल रहा है। परीक्षार्थी चप्पल पहनकर एग्जाम में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। समाचार एजेंसी एएनआई ने पटना के विद्यालयों की तस्वीरें जारी की हैं जहां भारी संख्या में स्टूडेंट्स चप्पल पहनकर पहुंचे हैं। जो छात्र जूते पहनकर आए थे, उनके जूतों को परीक्षा भवन के बाहर ही उतरवा दिया गया।
Patna: Students arrive at examination centers in slippers, after Bihar School Examination Board (BSEB) barred students from entering exam halls with shoes and socks. pic.twitter.com/qI5t30aH2n
— ANI (@ANI) 21 February 2018विज्ञापन
बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने मीडिया को बताया था कि इस साल परीक्षार्थियों को परीक्षा भवन में जूता मोजा पहनकर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। छात्रों को चप्पल पहनकर ही परीक्षा में शामिल होना होगा। उन्होंने बताया कि संबंधित जिले के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। परीक्षा हॉल में सिर्फ पेन-पेन्सिल और एडमिट कार्ड ले जाने की अनुमति है।
उन्होंने बताया कि यह पहली बार नहीं है कि इस प्रकार के आदेश दिए जा रहे हों। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसा किया जाता रहा है। मैट्रिक में जूते-मोजों की रोक को पहली बार लागू किया जा रहा है। राज्य में 21 से 28 फरवरी तक आयोजित होने वाली मैट्रिक परीक्षा में 17 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी हिस्सा ले रहे हैं जिनके लिए 1426 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।