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Bihar News: बेहतर इलाज की तलाश में अस्पतालों के चक्कर काटता रहा परिवार, भागदौड़ में चली गई युवक की जान
Tue, 12 May 2026 07:27 PM IST
भागलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
Published by: भागलपुर ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2026 07:27 PM IST
सार
Bihar News: बांका के धोरैया में घायल युवक को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर से सिलीगुड़ी और फिर वापस भागलपुर ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने के कारण युवक की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है।
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भागदौड़ में चली गई जान
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
बांका जिले के धोरैया थाना क्षेत्र में घायल हुए एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने और अस्पतालों के चक्कर लगाने की वजह से युवक की जान चली गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
इलाज के लिए नेहरू अस्पताल रेफर किया
जानकारी के अनुसार, 20 फरवरी को धोरैया थाना क्षेत्र में हुई एक घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल अवस्था में उसे सबसे पहले धोरैया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
युवक की हालत में नहीं दिखा कोई सुधार
परिजनों को उम्मीद थी कि बड़े अस्पताल में बेहतर सुविधा मिलने से युवक की जान बच जाएगी। इसी वजह से उसे इलाज के लिए सिलीगुड़ी के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, वहां भी युवक की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। परिजनों का आरोप है कि सिलीगुड़ी के अस्पताल से भी युवक को बेहतर इलाज के नाम पर दोबारा भागलपुर रेफर कर दिया गया। गंभीर हालत में युवक को फिर जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
युवक की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी एक अस्पताल में समय पर बेहतर और समुचित इलाज मिल जाता, तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी। लगातार अस्पताल बदलने और इलाज के लिए इधर-उधर भटकने के दौरान युवक की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। घटना के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
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इलाज के लिए नेहरू अस्पताल रेफर किया
जानकारी के अनुसार, 20 फरवरी को धोरैया थाना क्षेत्र में हुई एक घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल अवस्था में उसे सबसे पहले धोरैया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
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युवक की हालत में नहीं दिखा कोई सुधार
परिजनों को उम्मीद थी कि बड़े अस्पताल में बेहतर सुविधा मिलने से युवक की जान बच जाएगी। इसी वजह से उसे इलाज के लिए सिलीगुड़ी के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, वहां भी युवक की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। परिजनों का आरोप है कि सिलीगुड़ी के अस्पताल से भी युवक को बेहतर इलाज के नाम पर दोबारा भागलपुर रेफर कर दिया गया। गंभीर हालत में युवक को फिर जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
युवक की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी एक अस्पताल में समय पर बेहतर और समुचित इलाज मिल जाता, तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी। लगातार अस्पताल बदलने और इलाज के लिए इधर-उधर भटकने के दौरान युवक की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। घटना के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।