Bihar: श्रावणी मेला को लेकर जिलाधिकारी ने सुल्तानगंज का किया निरीक्षण, तैयारियों को लेकर दिए आवश्यक निर्देश
Bihar: जिलाधिकारी ने कहा कि श्रावण मास के दौरान प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचते हैं और उत्तरवाहिनी गंगा से गंगाजल भरकर झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण के लिए पदयात्रा करते हैं।
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विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने गुरुवार को सुल्तानगंज पहुंचकर मेला क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारियों, अभियंताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर मेला क्षेत्र के प्रमुख स्थलों का जायजा लिया। इस क्रम में नमामि गंगे घाट, नई सीढ़ी घाट, कांवड़िया पथ, पार्किंग स्थल और नियंत्रण कक्ष समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की स्थिति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि 30 जून तक सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं ताकि मेला के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रावण मास के दौरान प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचते हैं और उत्तरवाहिनी गंगा से गंगाजल भरकर झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण के लिए पदयात्रा करते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और उनकी आस्था को देखते हुए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक इंतजाम युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि सुल्तानगंज के सभी घाटों पर पर्याप्त रोशनी, स्वच्छ शौचालय और सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएंगे। गोताखोरों के साथ-साथ एसडीआरएफ की टीमों की तैनाती भी सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
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उन्होंने बताया कि कांवड़िया पथ पर आठ अस्थायी थानों की स्थापना की जाएगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त बनी रहे। मेले के दौरान कुल 1500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल रहेंगी। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मेला सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालु हितैषी रहे।
निरीक्षण के दौरान भागलपुर के उपविकास आयुक्त प्रदीप कुमार, सिटी एसपी, स्थानीय विधायक, नगर परिषद प्रतिनिधि और प्रखंड स्तर के अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों को जिलाधिकारी ने यह स्पष्ट रूप से कहा कि मेले की सफलता के लिए सभी को एकजुट होकर गंभीरता से कार्य करना होगा।
गौरतलब है कि इस वर्ष श्रावणी मेला 11 जुलाई से आरंभ होकर एक माह तक चलेगा। इस दौरान देश और विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा धाम की यात्रा पर निकलते हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े और मेला पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।