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Bihar: गुड सेमेरिटन ने पेश की ईमानदारी की मिसाल, मृत इंजीनियर के पास मिली नकदी को उसके परिजनों को लौटाया
Mon, 08 Jan 2024 04:52 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Mon, 08 Jan 2024 04:52 PM IST
सार
Bihar Hindi News: औरंगाबाद में मृत इंजीनियर के पास मिले सामान और नकदी को उसके परिजनों को लौटा कर गुड सेमेरिटन ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। मृतक के परिजनों ने इसके लिए गुड सेमेरिटन का आभार जताया है। पढ़ें पूरी खबर...।
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मृत इंजीनियर सचिन के पास मिला सामान और पैसा परिजनों को लौटाते गुड सेमेरिटन सल्लू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के औरंगाबाद में रविवार की देर रात एक गुड सेमेरिटन ने ऐसा किया जो ईमानदारी की नजीर बन गया। वाकया राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-139 पर औरंगाबाद मुफस्सिल थाना क्षेत्र का है। जहां रविवार की देर रात रायपुरा मोड़ के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आकर बाइक सवार एक युवक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद एनएचएआई की एंबुलेंस ने युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए रात साढ़े 10 बजे सदर अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान मृतक के पास से मिले सामान और नकदी को गुड सेमेरिटन ने मृतक के परिजनों को लौटा दिया।
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दरअसल, सड़क हादसे आए दिन होते रहते हैं, जिनमें किसी की मौत हो जाती है तो कोई घायल हो जाता है। इन सड़क हादसों के दौरान घायलों या मृतक के परिवार की मदद करने वाले को गुड सेमेरिटन कहा जाता है। हर जिले में परिवहन विभाग हर साल ऐसे लोगों को गुड सेमेरिटन अवार्ड दिया करता है।
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गुड सेमेरिटन ने पेश की ईमानदारी की मिसाल
मुफस्सिल थाना क्षेत्र में हुई सड़क हादसे की जानकारी औरंगाबाद के युवा सामाजिक कार्यकर्ता शाहनवाज रहमान उर्फ सल्लू खान को मिली। सल्लू को सिर्फ बस इतनी जानकारी हुई कि सड़क हादसे में कोई युवक घायल हो गया है और एनएचएआई की एंबुलेंस उसे लेकर औरंगाबाद सदर अस्पताल जा रही है। सल्लू तत्काल सदर अस्पताल पहुंचा। तब तक एंबुलेंस भी सदर अस्पताल पहुंच गई। एंबुलेंस के पहुंचते ही सल्लू मदद में लग गया। एंबुलेंस से उतारने के दौरान ही सल्लू को पता चला कि युवक की मौत हो गई है। युवक को एंबुलेस से उतारते ही सल्लू ने युवक के बैग को अमानत समझते हुए अपने पास सुरक्षित रख लिया और रात में ही युवक के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए सदर अस्पताल के उपाधीक्षक से बात की। उपाधीक्षक ने पोस्टमार्टम का इंतजाम भी करा दिया।
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इसके बाद सल्लू ने मृतक की पहचान और परिजनों को हादसे की सूचना देने के लिए अपने पास सुरक्षित रखे युवक का बैग खोला। बैग से 58,500 रुपये निकले। साथ ही दो स्मार्ट फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य कागजात मिले। आधार कार्ड और पैन कार्ड से युवक की पहचान कुटुम्बा प्रखंड के रिसियप थाना क्षेत्र के ईटहट मंगुराही गांव निवासी संजय कुमार सिंह के बेटे सचिन कुमार सिंह (28) के रूप में हुई। युवक की पहचान होते ही सल्लू ने हादसे की सूचना परिजनों को दी। उधर, सूचना मिलते ही परिजन सदर अस्पताल के लिए निकले।
इधर, सल्लू ने औरंगाबाद नगर थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी को फोन कर सूचना दी कि युवक के बैग से 58 हजार पांच सौ रुपये मिले हैं, जिन्हें वह उनके पास अमानत के रूप में जमा कर देना चाहता है। यह बात सुनकर थानाध्यक्ष ने कहा कि पैसे को सुरक्षित अपने पास रखें। परिजनों के आने पर सही हकदार की पहचान कर उसी के हाथ से यह रकम वापस करा दी जाएगी। घंटे भर में परिजन सदर अस्पताल आ गए। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में सल्लू ने पूरी रकम और अन्य सभी सामान परिजनों को सौंप कर अपना कर्तव्य निभाया। परिजनों ने सल्लू की नेकी और ईमानदारी की सराहना भी की।
बच्चों का प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन कराता था अभियंता
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, सचिन बीटेक कर दिल्ली के किसी निजी कंपनी में इंजीनियर के रूप में कार्यरत था। साथ ही वह बच्चों का प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन भी कराता था। रविवार को देर रात भी वह औरंगाबाद शहर में किसी से बात कर एडमिशन का पैसा लेकर घर जा रहा था। इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गया और उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि सचिन ने जिस किसी से एडमिशन कराने का पैसा लिया होगा, उसके बारे में पता कर यह रकम उसे सौंप देंगे। इस बीच पुलिस ने रात के करीब एक बजे पोस्टमार्टम हो जाने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया। हादसे के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। उनके घर में मातम पसरा है।