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My Aadhaar: सात साल पहले खोए भाई-बहन को आधार ने पहुंचाया घर तक; बिहार से पहुंच गए थे यूपी, अब ऐसे मिले
Fri, 29 Sep 2023 02:58 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेतिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेतिया
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Fri, 29 Sep 2023 02:58 PM IST
सार
Bihar News: बेतिया में सात साल पहले लापता हुए भाई-बहन की अचानक आधार के जरिए पहचान हो गई। परीक्षा देने के लिए आधार बनवाने गए थे। जहां पता चला कि पहले से बना है आधार। पढ़ें बिछड़े भाई-बहन के मिलने की रोचक कहानी।
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सात साल बाद घर पहुंची कौशिकी कुमारी अपनी मां के साथ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के बेतिया से एक ऐसा मामला सामने आया है जो सबको हैरान कर देने वाला है। इस वजह से एक मां-बाप की आंखों से खुशी के आंसू छलक रहे हैं। मामला जिले के शिकारपुर थाना क्षेत्र के प्रकाश नगर मोहल्ले का है। जहां से भाई-बहन वर्ष 2016 में लापता हो गए थे। वह बीते सात साल से लखनऊ के बाल गृह में रह रहे थे। इसका खुलासा सितंबर 2023 में हुआ जब 19 साल की कौशिकी कुमारी को नौवीं का एग्जाम देना था। पढ़ाई के लिए बाल गृह में फॉर्म भरने के लिए आधार कार्ड की जरूरत पड़ी।
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आधार से ऐसे मिले मां-बाप
फॉर्म भरने के लिए जब दोनों आधार कार्ड बनवाने गए तो पता चला कि उनका आधार पहले से बना हुआ है। दोनों की पहचान हुई और वे परिजनों से मिले। फिलहाल, कौशिकी कुमारी (19) शिकारपुर पुलिस के सहयोग से माता-पिता के पास चली आई है। उसका भाई राजीव (14) अभी बाल सुधार गृह में है। उसकी परीक्षा चल रही है।
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‘लखनऊ कैसे पहुंची, याद नहीं’
कौशिकी ने बातचीत में बताया कि वह कैसे लापता हुई और कैसे लखनऊ पहुंच गई उसे याद नहीं है। बाल गृह में करीब सात साल से रह रही थी। नौवीं क्लास में जब रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड की जरूरत पड़ी तो उसे बनवाने ले जाया गया। इस दौरान पहले से उसका आधार कार्ड बनने का प्रमाण मिला। फिर पहले के बने आधार कार्ड के जरिए उसका पता निकालकर माता-पिता की तलाश शुरू हुई। इसकी सूचना शिकारपुर पुलिस को दी गई। शिकारपुर पुलिस ने समाजसेवियों के माध्यम से बच्ची के घर का पता लगा लिया।
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‘भाई अभी भी बाल सुधार गृह में है’
कौशिकी ने पुलिस को बताया कि उसका भाई राजीव उर्फ इंद्रसेन अभी बाल सुधार गृह में है। उसकी परीक्षा होने के कारण वह उसके साथ नहीं आ सका है। इन बच्चों की मां प्रकाश नगर निवासी सुनीता देवी ने बताया कि 21 जून 2016 में 12 वर्ष की बेटी कौशिकी और सात वर्ष का राजीव पड़ोस में खेल रहे थे। उस दौरान लापता हो गए थे। जब काफी खोजबीन के बाद दोनों बच्चों पता नहीं चला तो परिजनों ने शिकारपुर थाने में आवेदन दिया था। इसमें देवरानी मुन्नी देवी पर संदेह जताया था। पुलिस ने इस मामले में उसे जेल भी भेजा था। कुछ महीने जेल में रहने के बाद वह बाहर आ गई थी।
शिकारपुर थानाध्यक्ष रामाश्रय यादव ने बताया कि लापता कौशिकी को बाल सुधार गृह से लाया गया है। उसका भाई परीक्षा होने के कारण नहीं आ सका है। कौशिकी को न्यायालय में बयान के लिए भेजा जा रहा है।