BPSC Result : पटना की सड़कों पर फिर उतरेंगे छात्र, भारी भीड़ जुटाने की हो रही तैयारी; क्यूआर कोड बन रहा माध्यम
BPSC Protest : 70 वीं बीपीएससी परीक्षा के परिणाम निकलने के बाद भी छात्रों की एक भीड़ पुनर्परीक्षा करवाने की जिद पर अभी भी अड़ी हुई है। 30 तारीख को यह भीड़ सड़क पर दिखाई पड़ेगी, जिसका माध्यम बन रहा है क्यूआर कोड।
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30 जनवरी को एक बार फिर से भारी संख्या में छात्र पटना की सड़कों पर उतरेंगे। यह कहना है बीपीएससी के उन अभ्यर्थियों का, जो 70वीं बीपीएससी परीक्षा के परिणाम निकल जाने के बाद भी पूरी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर अब तक धरना प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं। उनका कहना है कि आयोग ने उनके साथ न्याय नहीं किया है, इसलिए अभ्यर्थी पटना के गर्दनीबाग धरना प्रदर्शन स्थल पर अब तक डटे हुए हैं। 'अमर उजाला' के इस सवाल पर कि फिलहाल धरना प्रदर्शन स्थल पर महज 10-15 अभ्यर्थी ही दिख रहे हैं, जवाब में उन अभ्यर्थियों ने कहा कि सुबह का समय है, इसलिए लोग इधर-उधर चले गए हैं। लेकिन इससे हमारी संख्या का अंदाजा आप मत लगाईये।
अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों का भी मिला साथ
इस संबंध में धरना प्रदर्शन पर बैठे रवीश कुमार राय ने बताया कि 26 जनवरी को गांधी घाट पर लगभग 10 हजार छात्र जुटे। वहां जुटने वाले छात्रों ने कहा कि बीपीएससी अभ्यर्थियों की जो मांग है वही हमारी भी मांग है और उन मांगों के बीच हम लोग आपके साथ हैं। रवीश कुमार ने कहा कि गांधी घाट पर जुडटने वाले छात्रों में कोई सिपाही अभ्यर्थी था तो कोई दरोगा अभ्यर्थी, तो कोई अन्य किसी प्रतियोगी परीक्षाओं का अभ्यर्थी था। रवीश कुमार ने कहा कि सभी तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली हो रही हैं और इसका शिकार युवा हो रहे हैं। बिहार में अब यह एक नियम सा बन गया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र फॉर्म भरकर परीक्षा देंगे, फिर सड़कों पर उतरकर लाठी खाएंगे, फिर परीक्षा कैंसिल होगा और अभ्यर्थी जाड़े, गर्मी और बरसात में धरना पर बैठेंगे। गांधी घाट पर जुटने वाले सभी अभ्यर्थी ऐसे ही किसी न किसी दर्द से पीड़ित हैं, इसलिए अब वह सब भी हमारे साथ आ गए हैं, जो 30 जनवरी को सरकार और आयोग के खिलाफ पटना की सड़कों पर दिखाई पड़ेंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से है आस
अभ्यर्थियों का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हम लोगों को बहुत भरोसा है। हमलोगों को उम्मीद है कि वह हमारी बात को सुनेंगे, तो हमारे दर्द को भी अवश्य समझेंगे, लेकिन सबसे बड़ी परेशानी यह है कि हमारी बात उन तक पहुंच ही नहीं पा रही है। लोजपा राम विलास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान से हमारी डिलीगेट्स ने मुलाकात की। चिराग पासवान ने हमारी बातों को सुना। हम लोगों पर हुए लाठी चार्ज पर उन्होंने अफसोस भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। हमने उनसे यह अपील किया है कि हमारी बात को वह किसी तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक पहुंचा दें। अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमारी बात को सुनेंगे तो उम्मीद है कि वह हमारी बात को समझेंगे भी। अफ़सोस यह है कि उनके आसपास रहने वाले लोग हम लोग को वहां तक पहुंचने नहीं दे रहे हैं।
धरना प्रदर्शन स्थल पर नहीं टेलीग्राम पर बढ़ रही है हमारी ताकत
धरना पर बैठे अभ्यर्थियों का कहना है कि गर्दनीबाग स्थित धरना प्रदर्शन पर भले ही भीड़ आपको नहीं दिख रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारी संख्या कम हो गई है। उन्होंने कहा कि अब हमारी संख्या टेलीग्राम पर दिखती है। हमने एक क्यूआर कोड छपवाया है, जिससे रोज 500 लड़के जुड़ रहे हैं। क्योंकि इसमें कई ऐसे विद्यार्थी भी हैं जिनका रिजल्ट आ गया है और वह मुख्य परीक्षा की तैयारी में लगे हुए हैं। लेकिन इसके बाद भी वह हमसे जुड़े हुए हैं। जब जरूरत पड़ेगी तब वह भौतिक रूप में भी हमारे साथ नजर आयेंगे। इसलिए अब हम लोग टेलीग्राम पर अधिक संख्या जुटाने की कोशिश में हैं। आपको हमारी कोशिश का परिणाम 30 जनवरी को गर्दनीबाग स्थित धरना प्रदर्शन स्थल और फिर पटना की सड़कों पर दिखाई पड़ेगा, जिसमें हजारों छात्रों का हुजूम अपना प्रदर्शन करेगी। मेरा दावा है कि उस दिन सरकार को भी हमारी ताकत दिख जाएगी।
हमारे हक में फैसला नहीं आया तो सुप्रीम कोर्ट का खटखटा आएंगे दरवाजा
इस संबंध में सौरभ सुमन ने कहा कि आज हाईकोर्ट इस मामले पर बहस हो रही है। हमें यकीन है कि फैसला हमारे हक में आएगा। लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है यानी वह फैसला हम लोगों के लिए संतोष जनक नहीं होता है तो हम सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएंगे।
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