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मध्यप्रदेश: कलेक्टर ने भरी मीटिंग में लगाई फटकार तो रोने लगे सीएमएचओ, बोले- चक्कर आ रहा

Tue, 08 Dec 2020 08:54 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: कुमार संभव Updated Tue, 08 Dec 2020 08:54 PM IST
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madhya Pradesh Collector Manish Singh scolded indore cmho praveen jadia started crying video viral
सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया और कलेक्टर मनीष सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कलेक्टर मनीष सिंह ने समीक्षा बैठक बुलाई। इस दौरान व्यवस्थाएं दुरुस्त न मिलने पर उन्होंने इंदौर सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया को भरी मीटिंग में फटकार दिया, जिसके बाद सीएमएचओ फूट-फूटकर रोने लगे। इस दौरान उन्होंने चक्कर आने व तबीयत बिगड़ने की बात भी कही और अस्पताल चले गए। कलेक्टर के डांटने और सीएमएचओ के रोने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
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यह है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, इंदौर के कलेक्टर मनीष सिंह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। इस दौरान कलेक्टर को पता चला कि जननी सुरक्षा की 22 फाइलें अभी लंबित पड़ी हैं तो वह नाराज हो गए। कलेक्टर के मुताबिक, प्रसूति सहायता के तहत मिलने वाली राशि के साथ-साथ जननी सुरक्षा में लगी गाड़ियों की भी दो से ढाई हजार तक फाइलें लंबित होने की जानकारी मिली है। कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया से इस संबंध में ही जानकारी मांगी गई थी।
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सीएमएचओ को यूं पड़ी फटकार

बताया जा रहा है कि कलेक्टर मनीष सिंह ने फाइलें लंबित होने को लेकर सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया फटकार दिया। साथ ही, कहा कि अपना ट्रांसफर करा लो। दरअसल, मनीष सिंह पहले भी कई बार लापरवाही को लेकर सीएमएचओ को फटकार चुके हैं, लेकिन इस बार उन्होंने भरी मीटिंग में ही सीएमएचओ को खरी-खोटी सुना दी। 
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फटकार के बाद बिगड़ी सीएमएचओ की तबीयत

बताया जा रहा है कि भरी मीटिंग में कलेक्टर से फटकार सुनने के बाद सीएमएचओ की आंखों में आंसू आ गए। वह बोले कि उनकी तबीयत खराब है और उन्हें चक्कर आ रहा है। इसके बाद वह जांच कराने निजी अस्पताल चले गए और जांच के बाद उन्होंने पांच दिन का अवकाश ले लिया। 

कलेक्टर ने कही यह बात

बैठक के बाद कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि यह रुटीन समीक्षा बैठक थी। जिले में स्वास्थ्य अधिकारी का सक्रिय रहना बेहद जरूरी है। सीएमएचओ की देखरेख में प्रसूति सहायता समेत कई मामले हैं। कोविड मैनेजमेंट की बहुत-सी चीजें हैं। इसके अलावा भी अन्य कई जिम्मेदारियां हैं। ऐसे में जिला अधिकारी गलती करेगा तो उन्हें डांटना जरूरी है। 
 
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