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Rare Earths: ऑटोमोबाइल सेक्टर की बढ़ती चिंता, मैगनेट की कमी दूर करने के लिए पीएमओ कराएगा अहम बैठक
Fri, 18 Jul 2025 06:20 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 18 Jul 2025 06:20 PM IST
सार
रेयर अर्थ मैगनेट की भारी कमी को लेकर भारत में संकट गहराता जा रहा है। इस गंभीर संकट को हल करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) विभिन्न विभागों के साथ एक अहम बैठक करने जा रहा है।
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Car Plant
- फोटो : Freepik
विस्तार
रेयर अर्थ मैगनेट की भारी कमी को लेकर भारत में संकट गहराता जा रहा है। खासकर ऑटोमोबाइल सेक्टर में इसकी वजह से कई कंपनियां सरकार से दीर्घकालिक समाधान की मांग कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस गंभीर संकट को हल करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) विभिन्न विभागों के साथ एक अहम बैठक करने जा रहा है। इस बैठक का मकसद रेयर अर्थ मैगनेट की कमी से पैदा हुई दिक्कतों का समाधान निकालना है।
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क्यों जरूरी हैं रेयर अर्थ मैगनेट
रेयर अर्थ मैगनेट वाहन उद्योग (ऑटो इंडस्ट्री) के लिए बेहद अहम हैं क्योंकि ये इलेक्ट्रिक मोटर, सेंसर, ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन किट्स और पावर स्टीयरिंग सिस्टम जैसे अहम पार्ट्स में इस्तेमाल होते हैं। इससे न सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों बल्कि हाइब्रिड और पेट्रोल-डीजल वाहनों का उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है।
PMO की बैठक में कौन-कौन होगा शामिल
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में भारी उद्योग विभाग, वाणिज्य मंत्रालय और खान मंत्रालय जैसे प्रमुख विभाग शामिल होंगे। साथ ही बैठक में हाल ही में प्रस्तावित 1,345 करोड़ रुपये की रेयर अर्थ मैगनेट प्रोडक्शन इनसेंटिव स्कीम पर भी चर्चा की जाएगी।
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रेयर अर्थ मैगनेट वाहन उद्योग (ऑटो इंडस्ट्री) के लिए बेहद अहम हैं क्योंकि ये इलेक्ट्रिक मोटर, सेंसर, ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन किट्स और पावर स्टीयरिंग सिस्टम जैसे अहम पार्ट्स में इस्तेमाल होते हैं। इससे न सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों बल्कि हाइब्रिड और पेट्रोल-डीजल वाहनों का उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है।
PMO की बैठक में कौन-कौन होगा शामिल
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में भारी उद्योग विभाग, वाणिज्य मंत्रालय और खान मंत्रालय जैसे प्रमुख विभाग शामिल होंगे। साथ ही बैठक में हाल ही में प्रस्तावित 1,345 करोड़ रुपये की रेयर अर्थ मैगनेट प्रोडक्शन इनसेंटिव स्कीम पर भी चर्चा की जाएगी।
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क्या है रेयर अर्थ इनसेंटिव स्कीम
सरकार ने घरेलू स्तर पर रेयर अर्थ मैगनेट के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में 1,345 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है। इसका मुख्य उद्देश्य चीन पर भारत की निर्भरता को कम करना है। क्योंकि इस क्षेत्र में 90 प्रतिशत हिस्सेदारी चीन के पास है। यह योजना सार्वजनिक और निजी दोनों सेक्टर की कंपनियों को उत्पादन और सप्लाई चेन में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
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सरकार ने घरेलू स्तर पर रेयर अर्थ मैगनेट के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में 1,345 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है। इसका मुख्य उद्देश्य चीन पर भारत की निर्भरता को कम करना है। क्योंकि इस क्षेत्र में 90 प्रतिशत हिस्सेदारी चीन के पास है। यह योजना सार्वजनिक और निजी दोनों सेक्टर की कंपनियों को उत्पादन और सप्लाई चेन में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
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योजना का मसौदा तैयार
समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव कमरान रिजवी ने बताया कि रेयर अर्थ मैगनेट इनसेंटिव स्कीम का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। और अन्य संबंधित विभागों से राय मशविरा के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
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समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव कमरान रिजवी ने बताया कि रेयर अर्थ मैगनेट इनसेंटिव स्कीम का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। और अन्य संबंधित विभागों से राय मशविरा के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
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भारत में रेयर अर्थ की स्थिति
माना जाता है कि भारत में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा रेयर अर्थ भंडार है। लेकिन दिक्कत यह है कि भारत में इस क्षेत्र में इंडिया रेयर अर्थ्स लिमिटेड (IREL) का एकाधिकार है। जिसके पास बड़े पैमाने पर उत्पादन करने की तकनीक और ढांचा नहीं है।
निजी कंपनियों की दिलचस्पी
रेयर अर्थ इनसेंटिव स्कीम के एलान के बाद, ऑटो पार्ट्स सप्लायर और कंपोनेंट निर्माताओं ने भारत में उत्पादन यूनिट लगाने में रुचि दिखाई है। इससे उम्मीद है कि आने वाले समय में भारत रेयर अर्थ मैगनेट के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेगा।
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निजी कंपनियों की दिलचस्पी
रेयर अर्थ इनसेंटिव स्कीम के एलान के बाद, ऑटो पार्ट्स सप्लायर और कंपोनेंट निर्माताओं ने भारत में उत्पादन यूनिट लगाने में रुचि दिखाई है। इससे उम्मीद है कि आने वाले समय में भारत रेयर अर्थ मैगनेट के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेगा।
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