देश में हर साल लाखों सड़क हादसे होते हैं। इनमें हजारों लोगों की मौत भी हो जाती है। सड़क हादसों को रोकने के लिए दिल्ली में एक खास पहल को आगे बढ़ाया गया है। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि दिल्ली में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब किस तरह के टेस्ट को पास करना जरूरी हो गया है।
एडीटीटी पर होगा टेस्ट
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : maruti suzuki
दिल्ली में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब एडीटीटी पर टेस्ट पास करना अनिवार्य हो गया है। दिल्ली में सभी 12 ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक को ऑटोमैटिक कर दिया गया है। जिसके बाद स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के पहले वाहन चलाने वाले टेस्ट को अब इन ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर लिया जाएगा।
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कैसे होगा टेस्ट
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जानकारी के मुताबिक इस टेस्ट को वही व्यक्ति दे पाएगा, जिसके पास पहले से लर्निंग लाइसेंस होगा। इसके लिए ऑनलाइन अपाइंटमेंट लेनी होती है। जिसके बाद तय समय और तारीख पर टेस्ट देने जाना होता है। टेस्ट के दौरान अपनी कार या दो पहिया वाहन को साथ ले जाना होता है। जिसके बाद टेस्ट को पास करने के लिए 10 मिनट का समय दिया जाता है। टेस्ट शुरू करने से पहले पूरी जानकारी दी जाती है, जिसके बाद टेस्ट लिया जाता है।
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क्या होता है
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टेस्ट के दौरान एडीटीटी कई प्रकार के टेस्ट के जरिए उम्मीदवारों का मूल्यांकन करता है। जिसमें चार पहिया वाहनों के लिए रिवर्स पैरलल पार्किंग, 8- फॉर्मेशन, ओवरटेकिंग ट्रैक, ट्रैफिक जंक्शन टेस्ट, रिवर्स पैरलल पार्किं और ग्रेडिएंट टेस्ट शामिल हैं। दो पहिया वाहनों के लिए आपातकालीन ब्रेक टेस्ट और रैंप टेस्ट के साथ-साथ अपने वाहन की हैंडलिंग और कंट्रोल को दिखाना होता है। इसके लिए सर्पेंटाइन ट्रैक के चारों ओर वाहन चलाकर दिखाना होता है।
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मैनुअल से मुश्किल है एडीटीटी
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मारुति सुजुकी के कॉर्पोरेट अफेयर्स के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती ने बताया कि साल 2018 के दौरान मैनुअल तरह से होने वाली टेस्टिंग में 100 में से 84 आवेदक पास होते थे। लेकिन ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक के शुरू होने के बाद पास होने वालों की संख्या में तेजी से कमी आई और यह आंकड़ा 100 में से 34 तक पहुंच गया। लेकिन अच्छी बात यह है कि इसमें लगातार सुधार हो रहा है और अब यह संख्या 34 से बढ़कर 64 तक हो गई है।
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