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GRAP-4: दिल्ली-एनसीआर में लागू हुए कड़े प्रदूषण नियम, जानें ताजा पाबंदियों से किन्हें मिली छूट, किन पर शिकंजा
Thu, 18 Dec 2025 06:37 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 18 Dec 2025 06:37 PM IST
सार
दिल्ली और NCR में गुरुवार से प्रदूषण रोकने के लिए कई उपाय, जैसे वर्क फ्रॉम होम और PUC सर्टिफिकेट अनिवार्य करना, लागू किए गए हैं।
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Delhi Pollution
- फोटो : ANI
विस्तार
दिल्ली और एनसीआर में गुरुवार से वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सख्त उपाय लागू कर दिए गए हैं। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-4) (ग्रैप-4) के तहत वर्क फ्रॉम होम, वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) अनिवार्य करने जैसे कदम उठाए गए हैं। हालांकि, इन कड़े नियमों के बीच कुछ जरूरी सेवाओं और वर्गों को राहत भी दी गई है। ताकि जनजीवन और आपात सेवाएं प्रभावित न हों।
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आपात सेवाओं को पूरी छूट, कामकाज रहेगा जारी
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल या सीएनजी से चलने वाले आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं के वाहन इन प्रतिबंधों से बाहर रहेंगे। आधिकारिक नोटिस के मुताबिक, एम्बुलेंस, फायर टेंडर, पुलिस वाहन और अन्य आपात प्रतिक्रिया इकाइयां बिना किसी रुकावट के अपना संचालन जारी रखेंगी। सरकार का कहना है कि इन सेवाओं पर किसी भी तरह की रोक से सार्वजनिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है, इसलिए इन्हें पूरी तरह छूट दी गई है।
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दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल या सीएनजी से चलने वाले आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं के वाहन इन प्रतिबंधों से बाहर रहेंगे। आधिकारिक नोटिस के मुताबिक, एम्बुलेंस, फायर टेंडर, पुलिस वाहन और अन्य आपात प्रतिक्रिया इकाइयां बिना किसी रुकावट के अपना संचालन जारी रखेंगी। सरकार का कहना है कि इन सेवाओं पर किसी भी तरह की रोक से सार्वजनिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है, इसलिए इन्हें पूरी तरह छूट दी गई है।
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Delhi Pollution
- फोटो : ANI
GRAP स्टेज IV के तहत क्या बदलाव हुए हैं?
- BS4 और उससे पुराने डीज़ल वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध
- पेट्रोल और डीजल केवल वैध PUC प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ही मिलेगा
- जांच के दौरान प्रदूषण फैलाते पाए गए वाहनों को ईंधन देने से इनकार किया जा सकता है और उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है
- निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी सभी गतिविधियां पूरी तरह बंद
- दिल्ली में किन वाहनों को अनुमति है और किन पर प्रतिबंध है
अनुमति प्राप्त वाहन (वैध PUC के साथ):
- BS6 पेट्रोल निजी कारें
- BS6 डीजल निजी कारें
- आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई करने वाले BS6 व्यावसायिक वाहन
- इलेक्ट्रिक वाहन
- CNG वाहन
- LNG वाहन
प्रतिबंधित वाहन:
- BS4 डीजल कारें
- BS4 या उससे पुराने पेट्रोल और डीजल वाहन
- गैर-BS6 व्यावसायिक वाहन
- निर्माण या विध्वंस सामग्री ले जा रहे BS6 ट्रक
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वर्क फ्रॉम होम नियम में भी जरूरी कर्मचारियों को राहत
ग्रैप-4 के तहत लागू किए गए वर्क फ्रॉम होम आदेश में भी सभी पर एक समान नियम नहीं है। अस्पतालों में काम करने वाले कर्मचारी, प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभागों के अधिकारी, दमकल विभाग और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े फ्रंटलाइन वर्कर्स को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जरूरी सरकारी और सार्वजनिक सेवाएं बिना बाधा के चलती रहें।
क्यों उठाए गए ये सख्त कदम
ये नए उपाय आयोग फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट द्वारा घोषित ग्रैप-4 प्रतिबंधों के अतिरिक्त हैं। दिल्ली में 13 दिसंबर से लगातार तीन दिनों तक वायु गुणवत्ता सूचकांक 'गंभीर' श्रेणी में रहने के बाद सरकार को आपात कदम उठाने पड़े। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए सरकार ने यातायात और दफ्तरों से निकलने वाली गतिविधियों को सीमित करने का फैसला लिया।
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ग्रैप-4 के तहत लागू किए गए वर्क फ्रॉम होम आदेश में भी सभी पर एक समान नियम नहीं है। अस्पतालों में काम करने वाले कर्मचारी, प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभागों के अधिकारी, दमकल विभाग और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े फ्रंटलाइन वर्कर्स को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जरूरी सरकारी और सार्वजनिक सेवाएं बिना बाधा के चलती रहें।
क्यों उठाए गए ये सख्त कदम
ये नए उपाय आयोग फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट द्वारा घोषित ग्रैप-4 प्रतिबंधों के अतिरिक्त हैं। दिल्ली में 13 दिसंबर से लगातार तीन दिनों तक वायु गुणवत्ता सूचकांक 'गंभीर' श्रेणी में रहने के बाद सरकार को आपात कदम उठाने पड़े। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए सरकार ने यातायात और दफ्तरों से निकलने वाली गतिविधियों को सीमित करने का फैसला लिया।
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Delhi Pollution
- फोटो : ANI
दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों को घर से काम
नए नियमों के तहत सरकारी और निजी, दोनों तरह के कार्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने 50 प्रतिशत कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम कराएं। इसका मकसद सड़कों पर वाहनों की संख्या घटाना और प्रदूषण के स्रोतों को कम करना है। इसके अलावा, वाहन चालकों के लिए वैध पीयूसी प्रमाणपत्र दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है।
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बिना पीयूसी वाहन को नहीं मिलेगा ईंधन
दिल्ली सरकार ने 'नो फ्यूल' नियम भी लागू किया है। इसके तहत जिन वाहनों के पास अपडेटेड प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा। यह नियम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर लगाम लगाने के लिए अहम माना जा रहा है।
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Delhi Air Pollution
- फोटो : ANI
मौजूदा वायु गुणवत्ता की स्थिति
बुधवार को दिल्ली की हवा 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शाम चार बजे 24 घंटे का औसत AQI 334 रहा। सीपीसीबी के मानकों के मुताबिक, 0 से 50 तक AQI अच्छा, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500 गंभीर श्रेणी में माना जाता है।
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बुधवार को दिल्ली की हवा 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शाम चार बजे 24 घंटे का औसत AQI 334 रहा। सीपीसीबी के मानकों के मुताबिक, 0 से 50 तक AQI अच्छा, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500 गंभीर श्रेणी में माना जाता है।
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आगे भी जारी रह सकती है सख्ती
सरकार ने संकेत दिए हैं कि जब तक वायु गुणवत्ता में ठोस सुधार नहीं दिखता, तब तक ये सख्त उपाय जारी रह सकते हैं। ऐसे में आम लोगों को नियमों की जानकारी रखते हुए अपने सफर और कामकाज की योजना बनाने की सलाह दी जा रही है, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।
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सरकार ने संकेत दिए हैं कि जब तक वायु गुणवत्ता में ठोस सुधार नहीं दिखता, तब तक ये सख्त उपाय जारी रह सकते हैं। ऐसे में आम लोगों को नियमों की जानकारी रखते हुए अपने सफर और कामकाज की योजना बनाने की सलाह दी जा रही है, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।
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