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Car Ban: दिल्ली में प्रदूषण पर सख्ती, एनसीआर से आने वाले 12 लाख वाहनों पर असर, जानें पूरी डिटेल्स

Wed, 17 Dec 2025 07:07 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Wed, 17 Dec 2025 07:07 PM IST
सार

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिरसा ने यह घोषणा करके हंगामा खड़ा कर दिया है कि गुरुवार से सिर्फ BS6 गाड़ियों को ही राष्ट्रीय राजधानी में आने की इजाजत होगी। 

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Delhi Pollution Curbs Tighten: BS6-Only Entry Rule to Impact 1.2 Million NCR Vehicles
Delhi Pollution - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने एलान किया है कि गुरुवार से केवल बीएस-6 मानकों वाले वाहन ही दिल्ली में प्रवेश कर सकेंगे। इस फैसले के तहत वाहन मालिकों को एक दिन का समय दिया गया, ताकि वे प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) से जुड़े नियमों का पालन कर सकें। मंत्री ने यह भी बताया कि दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर पहले से लगाए गए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे अब बिना वैध पीयूसी वाले वाहनों की पहचान करेंगे।
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ग्रैप के तहत आपात कदम, बाहरी वाहनों की एंट्री पर रोक
ये सख्त नियम ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) (ग्रैप) के तहत लागू किए गए हैं। जो सर्दियों के दौरान हवा की गुणवत्ता बेहद खराब होने पर सक्रिय होता है। इस फैसले का सीधा असर दिल्ली के बाहर पंजीकृत करीब 12 लाख वाहनों पर पड़ेगा, जिन्हें अब राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। खास तौर पर उत्तर प्रदेश और हरियाणा से रोजाना दिल्ली आने-जाने वाले निजी और व्यावसायिक वाहन इस दायरे में आएंगे। 

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नए नियमों में क्या बदला है
पर्यावरण मंत्री के मुताबिक, ग्रैप के चरण-3 और चरण-4 के दौरान दिल्ली में केवल बीएस-6 मानकों वाले वाहन ही बाहर से प्रवेश कर सकेंगे। इसके साथ ही, जिन वाहनों के पास वैध पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं होगा, उन्हें दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर ईंधन भी नहीं दिया जाएगा। हालांकि, इस फैसले को लेकर पेट्रोल पंप संचालकों में असमंजस की स्थिति है। सूत्रों के अनुसार, पंप मालिकों ने मंत्री से मुलाकात की मांग की है, क्योंकि हर वाहन से पीयूसी प्रमाणपत्र मांगना व्यावहारिक रूप से मुश्किल बताया जा रहा है।

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Delhi Pollution Curbs Tighten: BS6-Only Entry Rule to Impact 1.2 Million NCR Vehicles
Delhi Pollution - फोटो : ANI
पेट्रोल पंपों पर बढ़ेगा दबाव
दिल्ली में 650 से अधिक पेट्रोल पंप हैं और हर पंप पर रोजाना औसतन 5,000 से 6,000 वाहन ईंधन भरवाने आते हैं। पंप संचालकों का कहना है कि हर ग्राहक से पीयूसी प्रमाणपत्र जांचने से न सिर्फ कामकाज प्रभावित होगा, बल्कि विवाद और झगड़े की स्थिति भी बन सकती है। 

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ट्रैफिक पुलिस का डेटा और सख्त कार्रवाई
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह तक आठ लाख से ज्यादा वाहनों पर वैध पीयूसी न होने के कारण जुर्माना लगाया जा चुका है। इसके अलावा, 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल और 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहनों में से करीब 20,000 वाहनों को जब्त किया गया है। 14 दिसंबर तक 993 गैर-अनुपालन बसों और ट्रकों को भी दिल्ली में प्रवेश से रोका गया।

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यह फैसला क्यों लिया गया
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में वाहन उत्सर्जन दिल्ली की जहरीली हवा का बड़ा कारण बनता है। ठंडे मौसम में स्मॉग जमीन के पास फंस जाता है, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं। अनुमान है कि एनसीआर में कण प्रदूषण का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा वाहनों से आता है, खासकर भीड़भाड़ वाले मार्गों पर। सरकार का मानना है कि अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर रोक से प्रदूषण का स्तर कुछ हद तक कम किया जा सकेगा। 

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एनसीआर में कितने वाहन होंगे प्रभावित
इस फैसले का असर उन लाखों वाहनों पर पड़ेगा जो रोजाना दिल्ली आते हैं। अनुमान के मुताबिक, गुरुग्राम में करीब दो लाख, नोएडा में चार लाख से ज्यादा और गाजियाबाद में लगभग 5.5 लाख गैर-बीएस-6 वाहन इस पाबंदी से प्रभावित होंगे। ये सभी वाहन दिल्ली में प्रवेश के दौरान जांच के दायरे में आएंगे।

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Delhi Pollution Curbs Tighten: BS6-Only Entry Rule to Impact 1.2 Million NCR Vehicles
Delhi Pollution - फोटो : ANI
यात्रियों की नाराजगी और सवाल
अचानक किए गए इस एलान से एनसीआर के यात्रियों में नाराजगी देखने को मिल रही है। गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद के कई लोगों ने सोशल मीडिया पर कहा है कि बिना पर्याप्त तैयारी के इस तरह के फैसले रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि सरकार आम यात्रियों को दंडित कर रही है। जबकि सड़क की धूल, निर्माण कार्य और भारी उद्योग जैसे बड़े प्रदूषण स्रोतों पर उतनी सख्ती नहीं दिख रही। 

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दिल्ली में पहले भी लग चुकी हैं पाबंदियां
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली में वाहनों पर इस तरह की रोक लगी हो। इससे पहले 2025 में सीएक्यूएम ने पुराने और गैर-बीएस-6 मालवाहक वाहनों की एंट्री पर रोक लगाई थी। बाद में ग्रैप के तहत इन नियमों को निजी वाहनों तक भी बढ़ा दिया गया। अब सर्दियों के चरम पर पहुंचते प्रदूषण के बीच ये पाबंदियां और सख्त कर दी गई हैं।

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आगे क्या ध्यान रखें वाहन चालक
ग्रैप के चरण-3 और 4 के दौरान दिल्ली में प्रवेश करने से पहले वाहन मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका वाहन बीएस-6 मानकों पर खरा उतरता हो और उसके पास वैध पीयूसी प्रमाणपत्र मौजूद हो। नियमों का उल्लंघन करने पर न सिर्फ जुर्माना, बल्कि यात्रा में रुकावट और ईंधन न मिलने जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। सर्दियों के दौरान जब तक प्रदूषण गंभीर बना रहेगा, तब तक इन पाबंदियों के जारी रहने की संभावना है। 

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