{"_id":"645f026580066f223c049537","slug":"shani-grah-spoil-economic-condition-follow-these-remedies-to-get-rid-of-shani-dasha-2023-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shani Dasha: शनिदेव से जुड़े ज्योतिष के अचूक सूत्र, जानकार आप हो जाएंगे हैरान","category":{"title":"Predictions","title_hn":"बोले तारे","slug":"predictions"}}
Shani Dasha: शनिदेव से जुड़े ज्योतिष के अचूक सूत्र, जानकार आप हो जाएंगे हैरान
Sat, 13 May 2023 08:52 AM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 13 May 2023 08:52 AM IST
सार
फलित के नियम के अनुसार द्वादश भाव का शनि अकाल मृत्यु का कारण बन सकता है। अगर इस भाव का शनि अशुभ प्रभाव में हो तो जातक को जीवन में घोर समस्या का सामना करना होगा।
विज्ञापन
shanidev: शनि अगर द्वादश भाव में उच्च राशि में हो या शुभ हो तो जातक विदेश जाकर बस जाता है। उसे अपने जन्म स्थान से दूर ही प्रसिद्धि प्राप्त होगी।
विस्तार
शनिदेव को कर्म का कारक कहा गया है। शनिदेव की जिस पर कृपा होती है वो अपनी मेहनत और ईमानदारी के बल पर सारे भौतिक सुख प्राप्त करता है और उस पर सदैव जनता का प्रेम बरसता है। आज हम आपको शनि देव से जुड़े कुछ ऐसे ज्योतिष के नियम बताने जा रहे है जो आपने कभी नहीं सुने होंगे।
1 - फलित के नियम के अनुसार द्वादश भाव का शनि अकाल मृत्यु का कारण बन सकता है। अगर इस भाव का शनि अशुभ प्रभाव में हो तो जातक को जीवन में घोर समस्या का सामना करना होगा।
2 - किसी कुंडली में सूर्य शनि कहीं भी बैठे हो तो जातक की अपने पिता से अनबन रहती है। अगर उसका पिता व्यापार करता है तो इसे नुकसान होता है। ऐसे में व्यक्ति के पिता को परदेश में जाकर काम करना चाहिए।
विज्ञापन
3 - अगर अष्टम भाव में सूर्य शनि एक साथ हो तो ऐसे जातक के घर में सदैव चीजें ख़राब होती रहती है। ऐसा व्यक्ति कबाड़ को एकत्र करता रहता है उसे बेचता नहीं है।
4 - चौथे भाव के शनि को अशुभ कहा गया है। कहा जाता है कि बेटी के ससुराल में उसे मान सम्मान नहीं मिलता है।
5 - शनि अगर द्वादश भाव में उच्च राशि में हो या शुभ हो तो जातक विदेश जाकर बस जाता है। उसे अपने जन्म स्थान से दूर ही प्रसिद्धि प्राप्त होगी।
6 - अगर शनि गुरु एक साथ बैठे है या दोनों का राशि परिवर्तन है या दोनों एक दूसरे को देख रहे है तो ऐसा व्यक्ति राजा का सलाहकर होगा।
7 - छठे भाव के शनि को सभी विद्वानों ने एक मत से शत्रुहन्ता कहा है। कहते है ऐसा व्यक्ति अपने शत्रु को जड़ से खत्म करने ही दम लेता है। वो शत्रु को माफ़ करना नहीं जानता।
8 - अगर किसी कुंडली में शनि 12वें भाव में हो और सूर्य आठवे भाव में हो तो व्यक्ति को मारने की साजिश हो सकती है।
9 - विद्वानों ने एक मत से शनि मंगल की युति को अशुभ माना है। यह युति जिस भाव में होगी उसी भाव के अच्छे फल खत्म कर देगी।
10 - शनि बुध की युति जातक को वैज्ञानिक बना सकती है। अगर उच्च का बुध शनि के साथ हो तो जातक की बुद्धि बेहद तीव्र और तीक्षण होगी।
Shanivar Ke Upay: शनिवार के दिन भूलकर भी न खरीदें ये चीजें, रुक जाएगी घर की तरक्की
Chanakya Niti: ऐसी जगहों को जल्द छोड़ देने में ही है भलाई, वरना भविष्य में हो सकती है परेशानी
विज्ञापन
1 - फलित के नियम के अनुसार द्वादश भाव का शनि अकाल मृत्यु का कारण बन सकता है। अगर इस भाव का शनि अशुभ प्रभाव में हो तो जातक को जीवन में घोर समस्या का सामना करना होगा।
विज्ञापन
2 - किसी कुंडली में सूर्य शनि कहीं भी बैठे हो तो जातक की अपने पिता से अनबन रहती है। अगर उसका पिता व्यापार करता है तो इसे नुकसान होता है। ऐसे में व्यक्ति के पिता को परदेश में जाकर काम करना चाहिए।
विज्ञापन
3 - अगर अष्टम भाव में सूर्य शनि एक साथ हो तो ऐसे जातक के घर में सदैव चीजें ख़राब होती रहती है। ऐसा व्यक्ति कबाड़ को एकत्र करता रहता है उसे बेचता नहीं है।
4 - चौथे भाव के शनि को अशुभ कहा गया है। कहा जाता है कि बेटी के ससुराल में उसे मान सम्मान नहीं मिलता है।
5 - शनि अगर द्वादश भाव में उच्च राशि में हो या शुभ हो तो जातक विदेश जाकर बस जाता है। उसे अपने जन्म स्थान से दूर ही प्रसिद्धि प्राप्त होगी।
6 - अगर शनि गुरु एक साथ बैठे है या दोनों का राशि परिवर्तन है या दोनों एक दूसरे को देख रहे है तो ऐसा व्यक्ति राजा का सलाहकर होगा।
7 - छठे भाव के शनि को सभी विद्वानों ने एक मत से शत्रुहन्ता कहा है। कहते है ऐसा व्यक्ति अपने शत्रु को जड़ से खत्म करने ही दम लेता है। वो शत्रु को माफ़ करना नहीं जानता।
8 - अगर किसी कुंडली में शनि 12वें भाव में हो और सूर्य आठवे भाव में हो तो व्यक्ति को मारने की साजिश हो सकती है।
9 - विद्वानों ने एक मत से शनि मंगल की युति को अशुभ माना है। यह युति जिस भाव में होगी उसी भाव के अच्छे फल खत्म कर देगी।
10 - शनि बुध की युति जातक को वैज्ञानिक बना सकती है। अगर उच्च का बुध शनि के साथ हो तो जातक की बुद्धि बेहद तीव्र और तीक्षण होगी।
Shanivar Ke Upay: शनिवार के दिन भूलकर भी न खरीदें ये चीजें, रुक जाएगी घर की तरक्की
Chanakya Niti: ऐसी जगहों को जल्द छोड़ देने में ही है भलाई, वरना भविष्य में हो सकती है परेशानी