ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की गणनाओं के आधार पर किसी व्यक्ति के भविष्य, वर्तमान और भूत के बारे में काफी कुछ जानकारियां हासिल की जाती है। ज्योतिषशास्त्र की कई विद्याओं के द्वारा अलग-अलग तरीके की भविष्यवाणियां की जाती है। इन्हीं में से एक अंकशास्त्र है। जिसमें अंकों की गणना के आधार पर शुभ और अशुभ दोनों तरह की भविष्यवाणियां होती है। एक तरफ जहां कुछ अंक बहुत ही शुभ माने गए तो दूसरी तरफ कुछ अशुभ। वहीं अलग-अलग मान्यताओं और समाज में एक ही अंक को कहीं शुभ तो कहीं अशुभ भी माना जाता है। आज हम आपको कुछ ऐसे अंकों के बारे में जानकारी देंगे जिनका उपयोग करना बहुत ही अशुभ के तौर पर देखा जाता है।
4 का अंक
दुनिया के कुछ हिस्सों में अंक 4 को बेहद ही अशुभ माना जाता है। 4 अंक को पूर्वी एशिया के देशों खास तौर पर चीन में अशुभ माना जाता है। चीनी मान्यताओं के अनुसार 4 अंक का शैतान का अंक होता है। चीन में इस 4 अंक को मौत का नंबर कहा जाता है। यहां के लोग इस अंक से बहुत ही भयभीत रहते हैं। इस कारण से यहां की इमारतों और घर का नंबर 4, 13, 14 और 24 देखने को नहीं मिलता है।
13 का अंक
अलग-अलग मान्यताओं, धर्म और धार्मिक रीति रिवाजों में 13 अंक का अशुभ और शुभ दोनों माना जाता है। बहुत जगहों पर 13 नंबर को अशुभ अंक माना गया है। ऐसे में 13 नंबर से जुड़े हुए चीजें कम होती हैं जैसे- 13 नंबर का प्लोर, सेक्टर, कमरा नंबर, बिल्डिंग, मकान नंबर, दुकान नंबर इत्यादि। ईसाई धर्म में 13 नंबर को शैतान का अंक माना गया है। मान्यता है कि जिस तारीख को ईसा मसीह को सूली पर लटकाया था उस दिन 13 तारीख थी। 13 लोगों नें उन्हें सूली पर लकटाया था। सूली पर चढ़ाए जाने से पहले भोज में ईसा सहित कुल 13 लोग शामिल हुए थे।
अंक शास्त्र में नंबर 13
अंक शास्त्र के अनुसार 13 अंक मौत और बीमारियों का नंबर है। 13 अंक राहु ग्रह का अंक होता है। राहु जोकि एक पापी और राक्षस ग्रह है। 13 नंबर में अंकों का कुल योग 4 आता है इसलिए भी 13 अंक को अशुभ माना गया है। पश्चिम देशों में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिस साल 12 की जगह 13 पूर्णिमा या अमावस्या आती है उसे बहुत ही अशुभ माना जाता है।
अलग-अलग देशों और धर्मों में 13 अंक का महत्व
अलग-अलग समूहों और धर्म में 13 अंक को कही शुभ तो कही अशुभ करार दिया गया है।
- हिंदू धर्म में किसी की मृत्यु के 13वें दिन पर तेरहवी का कार्यक्रम रखा जाता है।
- सिख धर्म में गुरु ग्रंथ साहब में वाहेगुरु शब्द कुल 13 बार है।
- प्रख्यात हस्तरेखा विशेषज्ञ कीरो 13 अंक को शुभ मानते थे।