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इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले से दुश्मनी अच्छी नहीं

राकेश/इंटरनेट डेस्क।

ज्योतिषशास्त्र में मुख्य रूप से 27 नक्षत्रों का जिक्र किया गया है। इनमें सबसे पहला नक्षत्र अश्विनी कहलता है। पृथ्वी पर जन्म लेने वाला हर व्यक्ति किसी न किसी नक्षत्र से प्रभावित रहता है।

अश्विनी नक्षत्र को गण्डमूल नक्षत्र की श्रेणी में रखा गया है। जिन लोगों का जन्म इस नक्षत्र में होता है वह मूल दोष से पीड़ित होते हैं।

इस नक्षत्र का स्वामी केतु होता है जो रहस्य और गुप्त विद्याओं का कारक माना जाता है। इसलिए इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति अपनी योजनाओं को कार्य पूरा होने से पहले किसी दूसरे पर जाहिर नहीं होने देते हैं। इन्हें खाली बैठकर समय बिताना पसंद नहीं होता है। यह काफी महत्वाकांक्षी और एक्टिव होते हैं।

इनके स्वभाव में उतावलापन और क्रोध अधिक होता है। कई बार ऐसा काम कर बैठते हैं जिसके लिए इन्हें बाद में पछताना पड़ता है। यह जितनी सिद्दत से दोस्ती निभाते है उतनी ही नफरत अपने दुश्मनों से करते हैं।

दबाव में आकर ऐसे व्यक्ति कोई भी काम नहीं करते हैं। जहां से अपनापन और प्यार मिलता है उनकी खुशी के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार रहते हैं।

मूल नक्षत्र में जन्म लेने के कारण बचपन संघर्षपूर्ण रहता है। लेकिन लगन और दृढ़ निश्चय से जो भी लक्ष्य तय करते हैं उसे हासिल करने में सफल होते हैं।
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