फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Dhruv Rathee Denies Links to CJP Amid Protest, Clarifies Stance on Joining Party

'सीजेपी से मेरा कोई संबंध नहीं': प्रदर्शन पर ध्रुव राठी की सफाई, राजनीति में आने को लेकर क्या बोले?

Mon, 12 Oct 2026 11:14 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Mon, 12 Oct 2026 11:14 AM IST
सार

यूट्यूबर ध्रुव राठी ने कॉकरोट जनता पार्टी से जुड़ने की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि वह पार्टी में शामिल नहीं हो रहे हैं। उनका बयान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन के बीच आया है। प्रदर्शन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया गया। ध्रुव राठी का सीजेपी से क्या संबंध बताया जा रहा था और उन्होंने सफाई क्यों दी? राजनीति में आने को लेकर क्या कहा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

विज्ञापन
Dhruv Rathee Denies Links to CJP Amid Protest, Clarifies Stance on Joining Party
ध्रुव राठी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूट्यूबर ध्रुव राठी ने साफ किया है कि वह किसी राजनीतिक दल से जुड़ने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से इस आंदोलन से जुड़े हैं और राजनीति में शामिल नहीं होना चाहते। हालांकि, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और देश की संस्थाओं की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों को उन्होंने गंभीर बताया। राठी ने आगे कहा कि केवल वीडियो बनाकर अपनी बात रखने के बजाय इस बार उन्हें जमीन पर उतरकर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से जुड़े नहीं हैं और व्यक्तिगत हैसियत से इस मुद्दे पर आए हैं।
विज्ञापन


राठी ने कहा कि कई राजनीतिक दल इस मुद्दे को उठा रहे हैं, तो यह उनकी राजनीतिक भूमिका है। उनका मानना है कि इस मामले को अदालत को भी देखना चाहिए और यह समझना चाहिए कि देश की संस्थाओं के पास कितनी स्वतंत्रता और अधिकार हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मीडिया, न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर दबाव होने के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने अपनी बात में दो लोगों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उन पर देश की संस्थाओं को अपने प्रभाव में लेने की बात कही जाती है। राठी ने यह भी कहा कि पुलिस भी इस दबाव से अछूती नहीं है।
विज्ञापन


ध्रुव राठी ने प्रदर्शन में शामिल होने का फैसला क्यों किया?
राठी ने बताया कि वह पश्चिम बंगाल और बिहार के चुनावों समेत कई मुद्दों पर वीडियो बना चुके हैं। लेकिन इस बार उन्हें लगा कि मामला इतना गंभीर है कि सिर्फ वीडियो बनाना पर्याप्त नहीं होगा। इसलिए उन्होंने आम नागरिक के तौर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का विचार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि प्रदर्शन सामान्य तरीके से होगा और लोगों को अपनी बात रखने दी जाएगी। उनका उद्देश्य जमीन पर जाकर मुद्दे को समझना और उसमें भाग लेना था।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या ध्रुव राठी सभी राजनीतिक दलों को एक साथ आने की सलाह दे रहे हैं?
राठी ने कहा कि इस मुद्दे पर अलग-अलग दिन अलग-अलग दलों के प्रदर्शन करने के बजाय सभी को मिलकर विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच आपसी मतभेद और अहम के मुद्दे हो सकते हैं, लेकिन गंभीर विषय पर सबको एक साथ आना चाहिए। उनके मुताबिक, सभी दलों और आम लोगों के संयुक्त प्रदर्शन से ही दबाव बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह आगे होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना पर विचार कर रहे हैं।

हिरासत में रहने के बाद पुलिसकर्मियों को लेकर क्या बोले राठी?
राठी ने बताया कि हिरासत में 24 घंटे बिताने के दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें अपने कामकाज और दबाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वह केवल एक दिन के लिए कैदी थे, लेकिन पुलिसकर्मी अपनी पूरी नौकरी के दौरान मानो कैदियों की तरह जीवन जीते हैं। राठी ने पुलिसकर्मियों पर काम के बोझ और उनकी तनख्वाह को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उनकी परिस्थितियों को देखकर उन्हें पुलिसकर्मियों के प्रति सहानुभूति महसूस हुई।


क्या ध्रुव राठी को प्रदर्शन में शामिल होने से रोका जा रहा है?
राठी ने दावा किया कि उनके घर के आसपास करीब 50 लोग तैनात हैं, जो चौबीसों घंटे उनकी तस्वीरें लेते हैं और उनकी गतिविधियों पर नजर रखते हैं। उनके मुताबिक, उन्हें अनौपचारिक रूप से धमकी दी गई है कि अगर वह प्रदर्शन में शामिल हुए, तो उन्हें उसी समय हिरासत में ले लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह प्रदर्शन में जाना चाहते हैं, लेकिन अभी उनकी कोई तय योजना नहीं है। राठी ने बताया कि उन्होंने खुद पहल करते हुए अभिषेक को फोन किया था। अभिषेक ने उन्हें आने का सुझाव दिया और पहले बंगलूरू जाकर प्रकाश राज के कार्यक्रम में शामिल होने की बात कही, जहां हटाए गए मतदाताओं से जुड़े मुद्दे को समझने का मौका मिलता। राठी ने दोहराया कि वह किसी पार्टी के सहयोगी या सदस्य के तौर पर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रूप से इस मुद्दे से जुड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed