कोर्ट से केस खारिज होने पर नगलावासी बेघर होने के डर से सहमे हुए हैं। मंगलवार को कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने डीएम नितिन सिंह भदौरिया सहित नगला का दौरा किया। उन्होंने नगलावासियों से कहा कि वह लोग फिलहाल सड़क के केंद्र से 50 फुट में अतिक्रमण स्वतः ही हटा लें। रावत ने कहा कि नगरपालिका नगला में वर्तमान में सरकारी भूमि की स्थिति स्पष्ट (किस विभाग का स्वामित्व कहां पर है) करने के लिए शासन स्तर से समिति बनी है। कहा जा रहा है कि इसमें कुछ जमीन वन विभाग और कुछ लोनिवि की है। इसके अलावा कभी कुछ जमीन तराई स्टेट फार्म के नाम भी रही होगी। वर्ष 1960 के आसपास लोनिवि ने नगला में कुछ चालान किए हैं यह सत्य है। उस समय सड़क की जो भी चौड़ाई रही होगी, उसके केंद्र से दोनों ओर 50 फुट भूमि लोनिवि की माना गया है। ऐसे बहुत से नोटिस वर्तमान में लोगों के पास उपलब्ध हैं, जिनकी वैधता भी है। आज तय हुआ है कि उन नोटिसों के आधार पर फिलहाल सड़क के केंद्र से 50-50 फुट भूमि चिन्हित कर ली जाए। जिसमें कोई भी निर्माण अतिक्रमण की श्रेणी में माना जाएगा। कहा कि वन विभाग का सीमांकन स्पष्ट नहीं है इसलिए आवश्यकता हुई तो सर्वे ऑफ इंडिया से सर्वे कराया जाएगा।