वर्षों से अधर में लटके जिलासू-आली मोटर मार्ग के निर्माण को लेकर मंगलवार को तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी अबरार अहमद की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र सिंह भण्डारी, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय ग्रामीणों के बीच विस्तृत चर्चा के बाद सड़क निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने पर सहमति बन गई। बैठक समाप्ति के बाद विभागीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। बैठक में बताया गया कि जिलासू से आली तक स्वीकृत लगभग 13 किलोमीटर लंबा मोटर मार्ग पिछले करीब 15 वर्षों से मस्ट गांव के पास किलोमीटर 5 और 6 के बीच अधूरा पड़ा है। सड़क निर्माण रुकने से आली, काण्डई, नागनाथ, सतूण, झिलोटी, मस्ट, ऐरास, वीणा सहित कई गांवों के हजारों ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि पोखरी से आली तक लगभग 14 किलोमीटर सड़क पहले ही बन चुकी है, लेकिन जिलासू से जुड़ने वाला महत्वपूर्ण हिस्सा विभागीय उदासीनता के कारण अब तक पूरा नहीं हो पाया है। बैठक से पूर्व पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र सिंह भण्डारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील पहुंचे और उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क उनके लिए जीवनरेखा साबित होगी। सड़क बनने से उन्हें अपनी तहसील जिलासू, शिवालय जिलासू तथा जिला मुख्यालय गोपेश्वर तक पहुंचने में काफी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा पारंपरिक शवदाह घाट जिलासू तक पहुंच भी आसान हो जाएगी। वर्तमान में सड़क अधूरी होने के कारण ग्रामीणों को पोखरी होते हुए कर्णप्रयाग के रास्ते लगभग 65 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। इस दौरान ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी नाराजगी भी जताई।