गुरु पुर्णिमा के अवसर पर भक्तों ने अपने-अपने गुरूओं को नमन कर उनका आशीर्वाद लिया। बृहस्पतिवार को उमा माहेश्वर आश्रम में आश्रम के गुरुओं की समाधि पर हवन, यज्ञ, पूजा अर्चना करने के बाद उनको याद किया। और संसार की सुख समृद्वि की कामना की। इस मौके पर आश्रम में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। आश्रम में दूर दराज से आए भक्तों ने साधु को वस्त्र और दक्षिणा दी। भंडारे में कोलकत्ता, यूपी सहित आसपास के भक्तों ने भाग लिया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आश्रम को रंगबिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया था। आश्रम के मंहत ऐश्वर्या नाथ महाराज ने बताया कि गुरू पूर्णिमा के दिन ही आदिगुरु महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। जिनके द्वारा वेदों की रचना की गई थी। इस उपलक्ष्य में यह दिन गुरू के प्रति कृतज्ञता के रूप में मनाया जाता है।