आपदा से प्रभावित बहुगुणानगर और सुभाषनगर के प्रभावितों ने प्रदर्शन किया। प्रभावित परिवारों ने सरकार का प्रतिकात्मक अर्थी बनाकर जुलूस निकाला। जिसके बाद संगम तट पर प्रतिकात्मक अर्थी का अंतिम संस्कार भी किया। प्रभावित परिवारों का कहना है कि बिना मुआवजे लिए अब वे नहीं मानेंगे। जरुरत पड़ी तो भूख हड़ताल भी शुरु की जाएगी। मुआवजे को लेकर पिछले पिछले सात दिनों से धरने पर बैठे प्रभावितों ने आंदोलन को और उग्र कर दिया है। बृहस्पवितार को प्रभावितों ने सरकार के प्रतिकात्मक पुतले के साथ मंडी परिसर से होते हुए मुख्य बाजार तक ढ़ोल नगाड़ों के साथ जुलूस निकाला। इस दौरान प्रभावितों ने प्रदेश सरकार के विरोध में नारेबाजी भी की। वार्ड सभासद कमला रतूड़ी ने कहा सात दिनों से प्रभावित परिवार धरने पर बैठे है। लेकिन उनकी सुध लेने कोई नहीं आया है। सभासद रीना रावत ने कहा कि सरकार अपनी मंशा को स्पष्ट नहीं कर पा रही है। प्रभावित परिवार कई बार एक सहमति बनाकर अपना निर्णय प्रशासन को दे चुके हैं। लेकिन अब सरकार प्रभावितों से क्या चाह रही है। स्थानीय पुष्कर रावत ने कहा कि स्थानीय विधायक, गढ़वाल सासंद कोई आंदोलन को लेकर गंभीर नहीं है। चार सालों से चक्कर काटते -काटते अब धरना देना पड़ रहा है। यदि जल्द सरकार मांगे नहीं मानती। तो भूख हड़ताल के लिए विवश होना पड़ेगा। जिसके बाद प्रभावित लोगों ने संगम तट पर प्रतिकात्मक अर्थी की अंत्येष्टि की।