रक्षाबंधन पर बाबा विश्वनाथ को राखी अर्पित कर मंगला और मध्यान्ह भोग आरती उतारी गई। गर्भगृह में ज्योतिर्लिंग पर गुलाब, बेला और मखमल के कपड़ों से तैयार राखी बांधकर बाबा का मनमोहक श्रृंगार किया गया। 20 से ज्यादा राखियां वहीं रखी गईं थीं। वहीं काशी की स्थानीय और दूर-दराज से आने वाली महिला श्रद्धालु भी महादेव को भाई मानकर रक्षा सूत्र चढ़ाकर अपने भाईयों की सुख-समृद्धि की सभी छह द्वारों से धाम में प्रवेश मिल रहा है। अब रात में बाबा विश्वनाथ के झूला श्रृंगार पर स्थानीय भक्तों की भारी भीड़ उमड़ेगी। स्पेशल दिन होने के चलते बुकिंग बंद नहीं की गई है।