ओबरा तहसील क्षेत्र में रेणुका नदी के छठ घाट पर बुधवार को बाढ़ व डूबने के दौरान बचाव का मॉक ड्रिल किया गया। मॉक ड्रिल में सीआईएसएफ, राजस्व, पुलिस, मेडिकल टीम, आपूर्ति विभाग एवं पंचायती राज विभाग की टीम संयुक्त रूप से शामिल रही। मॉक ड्रिल के माध्यम से संबंधित टीमों ने यह प्रदर्शित किया कि किसी व्यक्ति के नदी में डूबने की सूचना प्राप्त होने पर किस प्रकार तत्काल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित किया जाए। डूबे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला जाए और उसकी स्थिति के अनुसार प्राथमिक उपचार एवं चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। इस मौके पर आमजन को जागरूक करते हुए बताया गया कि बाढ़, जलभराव अथवा नदी में तेज जल प्रवाह की स्थिति में नदी, नाले, घाट एवं जलभराव वाले स्थानों के समीप न जाएं। बच्चों को विशेष रूप से नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी चेतावनी एवं सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। प्रशासन ने अपील की कि नदी में डूबते हुए व्यक्ति को देखकर स्वयं जोखिम उठाकर पानी में न उतरें। तत्काल पुलिस, प्रशासन, आपदा राहत दल अथवा स्थानीय बचाव टीम को सूचना दें। प्रशिक्षित बचाव दल द्वारा व्यक्ति को बाहर निकाले जाने के बाद उसकी स्थिति के अनुसार प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा आवश्यकता होने पर तत्काल चिकित्सा केंद्र पहुंचाया जाए। इस मौके पर एसडीएम ओबरा रवि कुमार, सीओ ओबरा प्रभात राय, डॉ. आलोक सहाय आदि मौजूद रहे।