उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ उपशाखा मांट के पदाधिकारियों ने शनिवार को लेखपालों की लंबित मांगों को लेकर तहसील मांट में धरना प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उपजिलाधिकारी मांट को सौंपा। तहसील अध्यक्ष चांद सैयद की अध्यक्षता में सौंपे गए ज्ञापन में लेखपालों ने बढ़ते कार्यभार, पदोन्नति, वेतन विसंगति, स्थानांतरण और संसाधनों की कमी सहित आठ मांगों को उठाया। लेखपाल संघ ने कहा कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की आधारशिला हैं, लेकिन लगातार बढ़ते कार्यभार के बावजूद उन्हें पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। संघ ने प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे लागू करने और वेतन विसंगति दूर करने की मांग उठाई। इसके अलावा आठ वर्षों से लंबित अंतर्मंडलीय स्थानांतरण शुरू करने की मांग की गई। संघ के अनुसार वर्ष 2025 में 2669 आवेदन लिए गए थे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करने, विभागीय परीक्षा का परिणाम घोषित कर स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरी करने तथा 16 वर्षों से लंबित भत्तों में वृद्धि की मांग की गई। स्टेशनरी भत्ता 100 से बढ़ाकर 500 रुपये, मोटरसाइकिल भत्ता 1500 रुपये और विशेष भत्ता 100 से बढ़ाकर 1000 रुपये करने की मांग रखी गई। लेखपालों को पटल सहायक और प्रभारी राजस्व निरीक्षक के कार्यों से मुक्त करने, ग्राम सचिवालयों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित कर लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। संघ ने कहा कि पर्याप्त सुरक्षा और संसाधनों के अभाव में काम करना मुश्किल हो रहा है। लेखपाल संघ ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश के समस्त लेखपाल 17 अक्तूबर से संपूर्ण कार्य बहिष्कार करने के लिए विवश होंगे। इसकी जिम्मेदारी राजस्व परिषद और शासन की होगी। इस दौरान तहसील मंत्री नितेश भारद्वाज, कनिष्ठ उपाध्यक्ष राम खिलाड़ी शर्मा, उपमंत्री हरिवीर सिंह,कोषाध्यक्ष राकेश कुमार बघेल, ऑडिटर शिवकुमार गौतम, चरन सिंह, राहुल गुप्ता, शैलेंद्र और नीरज चौधरी आदि मौजूद रहे।