उफनाई गंगा नदी का जलस्तर रविवार की शाम घटकर खतरे के निशान 113 मीटर से दो सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया। शनिवार को गंगा खतरे के निशान से आठ सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। जलस्तर घटने के बाद भी बाढ़ प्रभावित 22 गांवों व मोहल्लों में लोगों की दुश्वारियां बरकरार हैं। अभी भी लोग नावों से आवागमन कर रोजमर्रा का कामकाज निपटा रहे हैं। कई घरों में पानी घुसने से लोग गृहस्थी का सामान लेकर छत पर गुजर-बसर कर रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार शाम छह बजे गंगा नदी का जलस्तर 112.980 मीटर पर पहुंच गया, जबकि शनिवार शाम छह बजे 113.080 मीटर पर था। रविवार को जलस्तर घटने से खतरे के निशान से दो सेमी. नीचे पानी पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग की मानें तो अगले 24 घंटे में जलस्तर और घट सकता है। वहीं, जलस्तर घटने के बावजूद मोहल्ला गोताखोर, कर्बला, हुसैन नगर, चंपापुरवा, गगनीखेड़ा, फत्तेखेड़ा, पीपरखेड़ा, श्रीनगर, रविदास नगर, सरैया, हरिहरपुर, नेतुआ मार्ग, साकेतपुरी, गोपीनाथ पुरम, गायत्री नगर, रतिराम पुरवा, सोलह बीघा समेत 22 गांवों व मोहल्लों में अभी भी बाढ़ का पानी भरा है। इससे लोगों को काफी दिक्कतें हो रही है। जिला प्रशासन की ओर से 40 से अधिक नावें लोगों के आवागमन के लिए लगाई गई है। लोग अपने रोजमर्रा के कामकाज नावों से ही निपटा रहे हैं। स्कूल कॉलेज जाने वाले छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही है।