झूठ एक ऐसी गंदी, घिनौनी और बुरी आदत है कि दीन व दुनिया में झूठे इंसान का कहीं कोई ठिकाना नहीं होता। झूठा व्यक्ति हर जगह अपमानित होता है और हर सभा व हर इंसान के सामने अपनी इज्जत और भरोसा खो देता है। झूठ बोलना बड़ा गुनाह है। झूठ बोलने वाले को इज्जत और दौलत से हाथ धोना पड़ता है। यहां तक कि झूठे व्यक्ति का अधिकार और प्रभाव भी कायम नहीं रहता। झूठ बोलने वाले को अल्लाह पसंद नहीं करता और वह उसकी रहमतों से वंचित हो जाता है। वहीं सच्चाई में इंसान की भलाई और मुक्ति है। सच्चाई जन्नत में जाने का जरिया है। सच्चा इंसान अल्लाह को प्यारा होता है और सच्चे व्यक्ति को अपने ही नहीं, बल्कि दूसरे लोग भी पसंद करते हैं इन विचारों का इजहार मदरसा अल-जामिअतुल इस्लामिया अशरफुल मदारिस, गदियाना में ऑल इंडिया गरीब नवाज काउंसिल के तहत आयोजित शाह जीलां कॉन्फ्रेंस में संबोधित करते हुए काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुहम्मद हाशिम अशरफी, इमाम ईदगाह गदियाना ने किया।