यूजीसी के नए प्रावधानों को वापस लेने और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सोमवार को युवा सड़क पर उतरे। आरक्षण सुधार आंदोलन, कानपुर के बैनर तले युवाओं ने मोतीझील से गोल चौराहे तक मशाल मार्च निकालकर अपनी आवाज बुलंद की। मशाल आक्रोश मार्च की शुरुआत मोतीझील स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा से हुई। यहां से युवा मशाल लेकर गोल चौराहे की ओर बढ़े। रास्ते भर युवाओं ने यूजीसी के नए प्रावधानों पर पुनर्विचार करने और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर नारे लगाए। मार्च का समापन गोल चौराहा स्थित शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के समक्ष हुआ। युवाओं का कहना था कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अवसरों को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान संवाद और व्यापक सुधार के माध्यम से हो। प्रदर्शन किसी जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं है। भाजयुमो के प्रदेश मंत्री अरविंद राज त्रिपाठी, पूर्व महापौर रविंद्र पाटनी, सोनू पांडेय, आशुतोष दीक्षित, पूर्व पार्षद राघवेंद्र मिश्रा, पार्षद धीरू त्रिपाठी, भानु भदौरिया, पीयूष मिश्रा, योगेंद्र अग्निहोत्री सहित अन्य शामिल रहे।