सचेंडी में बाढ़ के पानी में कार डूबने से जान गंवाने वाले दीपक पांडेय के परिजनों का बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस में गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि पोस्टमार्टम के बाद शव को उठाकर वाहन में रखने के लिए एक निजी कर्मचारी ने परिजनों से एक हजार रुपये मांगे। रुपये देने से इनकार करने पर कर्मचारी ने कथित तौर पर शव को खुले में ले जाने की बात कही। इससे परिजन भड़क गए और पोस्टमार्टम हाउस में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का यह भी आरोप है कि उनका नंबर पहले होने के बावजूद बाद में पहुंचे लोगों का पोस्टमार्टम पहले कर दिया गया। इससे पहले से बेटे की मौत से गमजदा परिवार का आक्रोश और बढ़ गया। हंगामे की सूचना पर आसपास के थानों का पुलिस बल पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा और आक्रोशित परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया। परिजनों ने पूरे मामले की शिकायत एसडीएम कानपुर से की है। उनका कहना है कि हादसे में बेटे की मौत के बाद परिवार पहले ही टूट चुका है, ऐसे में शव तक ले जाने के लिए रुपये मांगना बेहद अमानवीय है। फिलहाल परिजन पोस्टमार्टम हाउस में हंगामा कर रहे थे और मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे थे। बाढ़ में डूबी कार से मिला था दीपक का शव सचेंडी क्षेत्र में सोमवार देर रात बाढ़ के पानी में कार पांडु नहर में पलट गई थी। हादसे में सुरार गांव निवासी दीपक पांडेय (28) और उसके दोस्त अंकित कमल (28) की मौत हो गई थी। मंगलवार रात कार मिलने के बाद गोताखोरों ने दोनों के शव बरामद किए थे।