जनपद में चार दिनों तक लगातार घटाव के बाद गंगा का जलस्तर बृहस्पतिवार को स्थिर हो गया। घटाव के क्रम पर ब्रेक लगने के बाद एक बार फिर से तटवर्ती इलाके में रहने वाले लोगों की धुकधुकी बढ़ गई है। उनको फिर से गंगा के जलस्तर में बढ़ाव का डर सता रहा है। सुबह पांच से शाम पांच बजे तक गंगा का जलस्तर 61.490 मीटर पर स्थिर रहा। लगातार 12 घंटे तक गंगा में घटाव न होना और इसका स्थिर हो जाना लोगों के मन में आशंकाओं को बल दे रहा है।