एटा मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में सोमवार को रक्तचाप कम और सांस उखड़ने की दवा लेने पहुंचे एक बुजुर्ग की हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि चिकित्सकों ने बुजुर्ग को वार्ड में शिफ्ट करने की बात कहकर इमरजेंसी से बाहर निकाल दिया। उसे ऑक्सीजन नहीं लगाई। इससे वृद्ध की हालत बिगड़ती चली गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद मृतक के परिजन ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। अवागढ़ क्षेत्र के गांव टिकाथर निवासी तुलाराम (70) को रक्तचाप कम होने और सांस उखड़ने की समस्या को लेकर परिजन ने उन्हें मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में सुबह 8 बजे भर्ती कराया था। करीब चार घंटे उनका उपचार किया गया। उनकी धेवती प्रिया कुशवाहा ने बताया कि बाद डाक्टर और स्टाफ ने उन्हें मेडिकल कॉलेज के वार्ड ले जाने की कहकर इमरजेंसी से बाहर निकाल दिया। उन्हें ऑक्सीजन के बिना ही बाहर कर दिया गया। ऑक्सीजन नहीं मिलने से उनकी हालत बिगड़ती चली गई। कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए। धेवती और अन्य परिजन काफी देर तक न्याय की गुहार लगाते रहे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में मरीजों के उपचार और व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि समय पर बुजुर्ग को ऑक्सीजन और उचित उपचार मिल जाता तो उनकी जान बच सकती थी। अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें समझा बुझाकर शांत किया।