बदायूं जिले में पंचायती राज विभाग के तहत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में कार्यरत कर्मचारियों ने 11 वर्षों से लंबित मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। स्वच्छता कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन ने मंगलवार को निदेशक पंचायती राज को संबोधित ज्ञापन प्रभारी डीपीआरओ खालिद अली को दिया। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों ने ज्ञापन दिया है, जो प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा।
प्रदेश संरक्षक संदीप उपाध्याय व प्रदेश महामंत्री मंजू कुमार राम ने बताया कि प्रदेश में 18 मंडल, 75 जनपद और 828 विकास खंड पर मंडल कंसल्टेंट, मंडल ऑपरेटर, जिला कंसल्टेंट, योजना सहायक, जिला ऑपरेटर और विकास खंड पर दो ब्लॉक समन्वयक व एक कम्प्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति वर्ष 2015 से 2017 में की गई थी। 2015 से 2017 तक मानदेय में वृद्धि हुई। लेकिन 6 जून 2022 से पत्रांक के माध्यम से सभी कर्मचारियों को पंचायती राज निदेशालय से हटाकर एजेंसी के अधीन संविदा पर कर दिया गया। तब से कोई वृद्धि नहीं हुई।
संगठन का कहना है कि महंगाई, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा व दैनिक खर्चे बढ़े हैं, लेकिन मानदेय उसी स्तर पर है। उन्होंने कहा कि जनवरी 2026 से लेटर पैड पर मांग करने के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। एसोसिएशन ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि दो सितंबर तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो तीन सितंबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और 10 सितंबर से लखनऊ में धरना दिया जाएगा।