आगरा के बाह में नंदगवा-पिनाहट मार्ग के रास्ते राजस्थान के धौलपुर एवं उत्तर प्रदेश के इटावा, कानपुर के भारी वाहन गुजरते हैं। चंबल पट्टी के 38 गांव भी इसी मार्ग पर आश्रित हैं। बारिश के दिनों में नंदगवा, गुमानसिंह पुरा, कुंवरखेडा में सड़क कई जगह धंस गई थी। जिससे 3 से 5 फीट गहरे कटान हो गए थे। बारिश के बाद भी लोक निर्माण विभाग ने कटान को भरने एवं सड़क की मरम्मत कराने की जहमत नहीं उठाई है। सड़क की पड़ताल के दौरान गुमानसिंह पुरा के कटान में मिट्टी भरी हुई थी। लेकिन वह भी धसकी हुई थी। गांव के महाराज सिंह ने बताया कि कटान को भरने और सड़क को ठीक करने के लिए कोई नहीं आया है। मिट्टी की बोरी जरूर रख दी हैं। रात के अंधेरे में आए दिन हादसे हो रहे हैं। नंदगवा में कटान के गड्ढे में मिट्टी तक नहीं डाली गई है। कटान के दूसरी ओर पेट्रोलपंप होने की वजह से आए दिन वाहन कटान के गड्ढे में फंस जाते हैं। बड़े हादसे का खतरा बढ़ गया है। कुंवरखेडा में 7 फीट गहरा गड्ढा हो गया था। आवागमन बंद होने की स्थिति पैदा हो गई थी। जिसे लोक निर्माण विभाग ने मिट्टी डलवा कर भरवा दिया है। राहगीर नागेन्द्र सिंह ने बताया कि सड़क निकलने लायक तो हो गई है, लेकिन पक्की नहीं कराई है, जिससे हादसे का डर सताता रहता है। ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत की मांग उठाई है। सुरक्षा के उपाय किए जाने की अपनी बात रखी है। जिससे कटान पर अंकुश लगाया जा सके। लोकनिर्माण विभाग प्रांतीय खंड आगरा के अवर अभियंता चन्द्रकेश ने बताया कि रोड का सर्वे कर कटान, सुरक्षा और नाली का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। जल्द ही सड़क को दुरुस्त कराया जाएगा।